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अब पंचायत कार्यालय बंद मिलने पर सीधे नपेंगे सचिव, औचक निरीक्षण कर टीम करेगी निगरानी

पंचायत की दीवार में लिखा होगा वरिष्ठ अधिकारियों का नम्बर, ग्रामीण भी सीधे कर सकेंगे शिकायत

अब पंचायत कार्यालय बंद मिलने पर सीधे नपेंगे सचिव, औचक निरीक्षण कर टीम करेगी निगरानी
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कोरिया. अब पंचायतो में ताला लटका मिलने पर सीधे सचिव नपेंगे। लगातार पंचायतो में ताला लटके मिलने के मामले सामने आने के बाद कोरिया के सभी ग्राम पंचायत कार्यालयों को नियमित रूप से खोले जाने का फैसला लिया है। जिला पंचायत कोरिया ने इसके लिए पांच सदस्यीय टीम तैयार की है जो सभी ग्राम पंचायतों आकस्मिक निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन द्वारा सीधे कार्यवाही की जाएगी। वहीं पंचायतो में ताला लटके मिलने पर ग्रामीण भी पंचायत भवन की दीवार पर लिखे अधिकारियों के नम्बर पर कॉल कर पंचायतो के बंद होने की शिकायत कर सकेंगे।

इन कार्यालय को खोले जाने के पीछे यह मुख्य वजह है कि सभी आम नागरिकों के दैनिक रोजमर्रा से जुड़े हर छोटे बड़े काम उनके ही ग्राम पंचायत में पूरे हो सकें और अनावश्यक परेषानी की वजह से आम जन बच सकें। मानव संसाधन की कमी सबसे बड़ी वजह होने के कारण ग्राम पंचायतें नियमित नहीं खुलती थी। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में अंषकालिक डाटा इंट्री आपरेटर और अंषकालिक कार्यालय सहायक के पद पर स्थानीय जरूरतमंदों को रखने के निर्देष जारी किए गए। ग्राम पंचायत को मिलने वाले 14वें वित व अन्य राषियों के कंटेन्जेंसी राषि से इन्हे काफी कम खर्च पर ग्राम पंचायतों में रखा गया है। इससे एक ओर कार्यालय नियमित रूप से खुलने लगे हैं वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायतों में सभी राषियों के लिए होने वाली आनलाइन प्रविष्टियों में भी गति आएगी। वर्तमान में सभी ग्राम पंचायतों में एक अंषकालिक डाटा इंट्री आपरेटर और एक सफाईकर्मी को कार्यालय सहायक के लिए नियुक्त किया गया है।

नियुक्ति से यह होगा फायदा

पहले पंचायतो में कामकाज का जिम्मा सिर्फ सचिव के ओएस रहता था और सचिव जनपद मुख्यालय से लेकर जिला पंचायत तक कि दौड़ लगाते थे। सचिवों के विभागीय कामकाज से बाहर रहने के कारण पंचायतो में ताला लटका रहता था। अब पंचायतो में कार्यालय सहायकों व कम्प्यूटर सहायक की नियुक्ति होने के बाद पंचायत खुले रहेंगे।

पहले किया दौरा फिर तैयार हुआ खाका

पंचायतो को रोजाना खोले जाने को लेकर पहले कलेक्टर कोरिया एस एन राठौर के द्वारा सभी जनपद पंचायतों के 10-12 ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर आम जन से मुलाकात की गई और सभी ग्राम पंचायत के सचिवों के साथ एक बैठक आयोजित कर चर्चा की गई। इन बैठकों में यह बात निकलकर सामने आई कि ग्राम पंचायत के कार्यालय नियमित नहीं खोले जा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह ग्राम पंचायत सचिवों के साथ अतिरिक्त मानव संसाधन न होना, जनपद कार्यालयीन कार्य और बैंकिग के कार्य सहित आवष्यक बैठकें भी हैं। इन वजहों से ही कार्यालय ग्राम पंचायत नियमित रूप से नहीं खोले जा रहे थे। कलेक्टर कोरिया इस आवष्कता को चिंहाकित कर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी तूलिका प्रजापति को सभी ग्राम पंचायत कार्यालय नियमित खोलने का प्रबंध करने के निर्देश दिए।

दीवार पर लिखे गए आवश्यक नम्बर

जिले के सभी 363 ग्राम पंचायत में मुख्य दीवार पर आपातकालीन सेवाओं के संपर्क नंबर, ग्राम पंचायत के जिम्मेदार कर्मचारियों के संपर्क नंबर और एक गांव की जरूरत के हिसाब से सभी विभागीय कर्मचारियों के संपर्क नंबर सूचना पटल बनाकर दर्ज कराए गए हैं। अब ग्रामीणों को जिस भी विभाग से संबंधित कार्य होगा वह सीधे उनसे मोबाइल पर संपर्क कर सकेंगे। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में उस क्षेत्र में पदस्थ मैदानी अमले के विभागीय कर्मचारियों के फोन नंबर भी दर्ज कराए गए हैं। साथ ही एक रोस्टर बनाकर सभी मैदानी कर्मचारियों को सप्ताह के एक दिन संबंधित क्षेत्र की एक एक ग्राम पंचायत में उपस्थित रहने के लिए निर्देशित भी किया गया है।

जिले के सभी पंचायतों से लगातार पंचायत कार्यालय बंद मिलने की शिकायते आने के बाद यह निर्णय लिया गया है। 5 सदस्यीय टीम कभी भी किसी पंचायत का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण रिपोर्ट के बाद सीधे कार्यवाही होगी।

तूलिका प्रजापति, सीईओ, जिला पंचायत





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