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राजस्थान में आयकर विभाग की अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी, सुरंग में मिले 17 बोरे और 1400 करोड़ की अघोषित सौदे

राजस्थान में आयकर विभाग ने राज्य की अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की है। शहर के तीन बड़े कारोबारी समूहों पर आयकर कार्रवाई में कुल 1400 करोड़ रुपए की अघोषित आय उजागर हुई है।

राजस्थान में आयकर विभाग की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई : छापेमारी कर 1400 करोड़ रुपये के अघोषित सौदों का पता लगाया
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राजस्थान में आयकर विभाग की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई 

जयपुर। राजस्थान में आयकर विभाग ने राज्य की अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की है। शहर के तीन बड़े कारोबारी समूहों पर आयकर कार्रवाई में कुल 1400 करोड़ रुपए की अघोषित आय उजागर हुई है। यह राजस्थान की सबसे बड़ी और देश की तीसरी सबसे बड़ी इनकम टैक्स छापेमारी साबित हुई है। विभाग की ओर से सर्राफा इकाई और दो रीयल एस्टेट फर्मों के यहां यह छापेमारी की गई। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस कार्रवाई की जानकारी दी। इन इकाइयों के कुल 31 ठिकानों पर यह कार्रवाई की गयी।

सुरंग में मिले 17 बोरे आर्ट ज्वेलरी व एंटीक सामान

विभाग की ओर से यह कार्रवाई दो बिल्डर और एक ज्वैलरी समूह पर की गई, जिसके लिए उसे बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। एक बिल्डर के मानसरोवर स्थित कार्यालय के बेसमेंट में भरी मात्रा में गुलाबी रंग की पोटलियां मिली हैं, जिनमें प्रॉपर्टी में निवेश की बेनामी संपत्तियों के खरीदी संबंधी दस्तावेज मिले। वहीं एक ज्वैलरी व्यवसायी के घर पर आयकर विभाग को एक सुरंग मिली है, जिसमें 17 बोरे आर्ट ज्वेलरी व एंटीक सामान और लेनदेन व संपत्तियों के दस्तावेज मिले है। इस ज्वैलरी व्यवसायी के यहां 550 करोड़ रुपए का अघोषित लेनदेन का पता चला है।

सवा सौ करोड़ रुपए का ऋण बाजार में देकर कमाते थे ब्याज

वहीं करीब सवा सौ करोड़ रुपए का ऋण बाजार में देकर ब्याज के रूप में बड़ा मुनाफा कमाने की बात सामने आई है। प्रत्येक आइटम पर उल्लेखित अल्फा-न्यूमेरिक सीक्रेट कोड में वास्तविक बिक्री मूल्य लिखा था। टीम कोड को फ्रैक करने पर काम कर रही है। गुफा से दो हार्ड-डिस्क और पेन-ड्राइव भी मिलीं, जिनमें कोडित रूप में विभिन्न वस्तुओं का विवरण था। जौहरी समूह ने विभिन्न व्यक्तियों को बेहिसाब नकद ऋण दिया था। उसी पर बेहिसाब ब्याज भी कमाया है। समूह ने अपने कर्मचारियों और कारीगरों के बैंक खातों के माध्यम से इसे बेहिसाब नकद आय भी पेश की थी। इसी तरह एक प्रमुख बिल्डर और कॉलोनाइजर पर आयकर पड़ताल में बेहिसाब रसीदें, अघोषित संपत्तियों की डिटेल, नकद ऋण और एडवांस के अलावा लेनदेन का रिकार्ड जब्त किया गया। इस समूह की कुल बेहिसाब लेनदेन 650 करोड़ रुपए विभाग ने आंका है।

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