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सरगना गिरफ्तार, डाॅक्टर पर भी गाज : बीमारी से मरने वाले की हादसे में माैत दिखा हड़प लेते थे बीमा राशि

डॉक्टर विजय स्वरुप मलिक फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने की एवज में 1.5 से 2 लाख रुपये लेता था। आरोपी सुनील के खिलाफ हांसी में 5 जींद में 2 तथा कैथल में एक मामला दर्ज है।

सरगना गिरफ्तार, डाॅक्टर पर भी गाज : बीमारी से मरने वाले की हादसे में माैत दिखा हड़प लेते थे बीमा राशि
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 पुलिस गिरफ्त में फर्जी बीमा क्लेम करवाने का मुख्य आरोपित (नीली टी-शर्ट में)।

हरिभूमि न्यूज: हांसी

हांसी में फर्जी एक्सीडेंट क्लेम लेने के एक बड़े गिरोह का पदार्फाश हुआ है। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। हांसी की एसपी निकिता गहलोत ने बताया कि यह गिरोह बीमारी से मरने वाले लोगों को दुर्घटना में मृत दिखा देते थे और डॉक्टर से मिलकर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनवा ली जाती थी।

उसके बाद इंश्योरेंस कम्पनी से लाखों रुपये की रकम हड़प ली जाती थी। एसपी निकिता गहलोत ने बताया कि इस मामले में फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टर को भी गिरफ्तार किया गया है। हांसी पुलिस की सीआईए व साइबर सेल की टीम ने बीमार लोगों के फर्जी बीमें करवाने के बाद उनकी सड़क हादसे या दुर्घटना में मृत्यु दिखा कर बीमा कम्पनियों से उनके बीमा क्लेम करवाने के मुख्य आरोपित गांव धर्मखेड़ी निवासी सुनील को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को हिसार चुंगी से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर उसे 5 दिन के रिमांड पर लिया है।

ऐसे चलता था धोखाधड़ी का काम

गहलोत ने बताया कि आरोपी हांसी व आसपास के गांवों में गंभीर रूप से बीमार लोगों की जानकारी हासिल कर उनके परिवार के सदस्यों को विश्वास में लेकर उनकी केवाईसी के द्वारा उनके बीमा कम्पनियों में 15-20 लाख रुपये तक के फर्जी बीमें करवाता था और उनकी मृत्यु के उपरांत नागरिक अस्पताल के एक चिकित्सक के साथ मिलकर उसकी सड़क दुघर्टना में मृत्यु दिखा कर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करवाता और फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर बीमा कंपनियों से उनके बीमा क्लेम के रुपए लेकर बीमा कम्पनी से प्राप्त राशि का 30 प्रतिशत मृतक के परिजनों को तथा 70 प्रतिशत राशि चिकित्सक तथा गिरोह में शामिल लोग आपस में बांट लेते थे। एसपी निकिता गहलोत ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में शामिल नागरिक अस्पताल के बाल रोग चिकित्सक विजय स्वरुप मलिक को इसी वर्ष 14 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। लेकिन मामले का मुख्य आरोपी सुनील लगातार पुलिस गिरफ्त से बच रहा था।

डॉक्टर फर्जी पोस्टमार्टम के लेता था डेढ़ से 2 लाख रुपये

डॉक्टर विजय स्वरुप मलिक आरोपी से फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने की एवज में 1.5 से 2 लाख रुपये लेता था। एसपी निकिता गहलोत ने बताया कि आरोपी सुनील के खिलाफ हांसी में 5 जींद में 2 तथा कैथल में एक मामला दर्ज है। उन्होंने बताया कि आरोपी सुनील ने पिछले दिनों एक पुरानी मर्सिडीज कार खरीदी थी और फिलहाल वह हिसार में लीज पर लेकर एक होटल में स्पा सेंटर चला रहा था। एसपी निकिता गहलोत ने बताया कि इस मामले में नागरिक अस्पताल का एक कर्मचारी तथा एक फोटोग्राफर शामिल है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने फोटोग्राफर को गिरफ्तार कर लिया है। फोटोग्राफर से मृतक के फोटो खिंचवाए जाते थे तथा नागरिक अस्पताल के कर्मचारी को पकड़ने के लिए पुलिस प्रयासरत है। एसपी ने बताया कि पुलिस इस मामले में बैंक, बीमा कंपनियों के कर्मचारियों तथा गांवों के सरपंचों के शामिल होने की आंशका की जांच कर रही है।


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