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राहत : एवरेज नहीं, दुकानदारों को लोड के हिसाब से भरना होगा बिजली का बिल

निगम के इस आदेश के बाद दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बिजली निगम की ओर से इस बारे में कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन एसई की मानें तो इस बार बिल लोड के हिसाब से दिया जाएगा। वहीं, दुकानदारों का कहना है कि उन्हें अप्रैल महीने के बिल देने में भी राहत की दी जाए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

नीरज वर्मा:रोहतक

इस बार लॉकडाउन में व्यापारियों के प्रतिष्ठानों का बिल बिजली मीटर के किराए के हिसाब से आएगा। बिजली निगम ने लॉकडाउन के दौरान व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। इस बार दुकानदारों से एवरेज बिल नहीं लिया जाएगा। दुकानदारों को केवल बिजली मीटर का किराए ही भरना होगा। निगम के इस आदेश के बाद दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। हालांकि बिजली निगम की ओर से इस बारे में कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन एसई की मानें तो इस बार बिल लोड के हिसाब से दिया जाएगा। वहीं, दुकानदारों का कहना है कि उन्हें अप्रैल महीने के बिल देने में भी राहत की दी जाए।

व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन लॉकडाउन में दुकानदारों को दुकानें खोलने की इजाजत नहीं दी और दुकानदारों को बिजली बिल भेज 21 मई तक बिजली बिल की राशि जमा करवाने का अल्टीमेटम दे दिया है। अब लॉकडाउन 24 के बाद हटे या ना हटे, इसको लेकर भी संशय है और व्यापारी भी अब बिजली कनेक्शन कटने की समस्या से परेशान हैं।

शहर में कपड़े, बर्तन, सोने-चांदी, प्रिंटिंग, खिलौने, फैंसी व सौंदर्य आइटम, घर की जरूरतों के प्लास्टिक के सामान, इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल, साइकिल, टायर-ट्यूब, गाड़ियां, वर्कशॉप सहित हजारों ऐसी दुकानें हैं, जो पिछले एक से डेढ़ से महीने बंद पड़ी हैं। इन दुकानों का एक महीने का बिजली बिल भेजा है।

लॉकडाउन में पहले से ही व्यापार नहीं चल रहा है। ऊपर से बंद दुकानों के कर्मचारियों के वेतन, टैक्सेज और किराया सहित अन्य खर्चे भारी पड़ रहे। इसलिए इन बिलों को अभी जमा करने की वैधता को समाप्त करें। - ऋषि वर्मा, व्यापारी, रेलवे रोड

हम टैक्स भी देते हैं। जिस तरह से किसानों को फसलों के नुकसान होने पर सरकार उनके बिजली बिल माफ करती है या उसमें रियायत बरतती है। व्यापारियों को भी इसमें छूट दी जाए।- संजय वर्मा, व्यापारी, रेलवे रोड

जितना बिल आता है। उसमें करीब 35 प्रतिशत टैक्स लगकर आता है। इसलिए टैक्स समाप्त किए जाए और दुकानें खुलने पर ही यह बिजली बिल हमें भेजे जाए।- तुषार सहगल, दुकानदार, रेलवे रोड

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