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नूंह में इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के उद्योग को प्रोत्साहन देगी सरकार

दुष्यंत चौटाला ने बताया कि नूंह में बैटरी की एक बड़ी कंपनी अपना प्रोजेक्ट स्थापित करेगी, इसके बाद यहां मोबाइल फोन, लैपटोप आदि अन्य इलैक्ट्रोनिक उपकरणों के उद्योग भी लगेंगे।

नूंह में इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के उद्योग को प्रोत्साहन देगी सरकार
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डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य सरकार का मेवात क्षेत्र में औद्योगिक विकास करने का प्रमुख उद्देश्य है। नूंह जिले में इलेक्ट्रोनिक उपकरणों के उद्योग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। नूंह में बैटरी की एक बड़ी कंपनी अपना प्रोजेक्ट स्थापित करेगी, इसके बाद यहां मोबाइल फोन, लैपटोप आदि अन्य इलैक्ट्रोनिक उपकरणों के उद्योग भी लगेंगे।

डिप्टी सीएम ने बताया कि मेसर्स एटीएल द्वारा आईएमटी सोहना में 7083 करोड़ रुपये के निवेश और 7000 रोजगार सृजित करने की क्षमता वाला एक मेगा प्रोजेक्ट भी स्थापित किया जा रहा है, जिसके लिए एचएसआईआईडीसी ने 178 एकड़ भूमि आवंटित की है। कम्पनी की आगामी कुछ वर्षों में स्मार्ट फोन, दोपहिया एवं तिपहिया ई-वाहनों सहित उद्योगों के लिए बैटरियों की आपूर्ति करने हेतु 7000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। चौटाला ने बताया कि फरीदाबाद बाईपास रोड़ से केजीपी एक्सप्रेस-वे तक मौजूदा सडक़ को चारमार्गी करने का कार्य मई 2021 से आरंभ होगा और इसके 30 नवंबर, 2022 तक पूरा होने की संभावना है।

दुष्यंत ने कहा कि यदि ओलावृष्टि या सेम आदि के कारण किसान की फसल खराब होती है तो उपायुक्त के माध्यम से रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां अतिरिक्त बारिश न होने के बावजूद लो-लाइन एरिया में पानी ठहरा रहता है और किसानों की फसलें खराब हो जाती हैं। सेम प्रभावित क्षेत्र में अतिरिक्त पाईप या पंपिंग सैट भी जरूरत अनुसार लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आपदा विभाग की पहली बैठक जनवरी में हो चुकी है तथा दूसरी बैठक अप्रैल में होगी, अगर कोई विधायक इससे पहले अपने-अपने जिला के उपायुक्त से मिलकर रिपोर्ट तैयार कर भिजवा दें तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

डिप्टी सीएम ने बताया कि पिछले वर्ष भी आपदा विभाग द्वारा गठित कमेटी ने 40 करोड़ रुपये किसानों की आर्थिक सहायता के लिए मंजूर किए थे। परसों भी राज्य के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई थी, उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। जहां से नुकसान की रिपोर्ट आएगी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वहां किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।


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