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पीजीआई रोहतक में थायराइड टेस्ट करवाना आसान नहीं, सुबह से ही लाइन में लग जाते मरीज

पीजीआई में शायद ही ऐस कोई विभाग होगा जिसके मरीजों को थायराइड टेस्ट (Thyroid test) की जरूरत न पड़ती हो। इसके बावजूद पीजीआई (PGI) में कुल 10-10 मरीजों के ही टेस्ट हो रहे हैं।

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हरिभूमि न्यूज : रोहतक

पीजीआई में थायराइड टेस्ट करवाना आसान नहीं। तीन-तीन बार अलग-अलग दिनों तक लंबी लाइन में लगने के बाद भी टेस्ट नहीं हो पा रहा। हालात ये हैं कि 6 हजार मरीजों वाली ओपीडी में कुल 10 मरीजों का ही थायराइड टेस्ट हो पाता है। जबकि लगभग हर विभाग के मरीज को इस टेस्ट की जरूरत होती है। लेकिन पिछले एक-डेढ़ साल से यह टेस्ट करवाना मुसीबत बन गया है। कभी हर रोज कुल 25 मरीजों का टेस्ट करने की बात कही जाती है तो कभी इससे भी कम। पिछले एक सप्ताह पहले तक हर रोज 25 मरीजों का थायराइड टेस्ट होता था, लेकिन एक सप्ताह से हर रोज ओपीडी में कुल 10 मरीजों का ही टेस्ट हो पा रहा है। इसके पीछे सैंपल रखने वाली किट नहीं होना बड़ा कारण बताया जा रहा है।

हर विभाग को जरूरत :पीजीआई में एंडोक्रोनॉलॉजी विभाग भी है, जहां के मरीजों को थायराइड का टेस्ट करवाना अनिवार्य है। ऐेस मरीजों को हर तीसरे महीने यह टेस्ट करवाना पड़ता है। इसके अलावा शुगर के मरीजों, गीरवती महिलाओं, बच्चों की ग्रोथ के जुड़े मामले, मेडीसन, सर्जरी, स्कीन समेत करीब-करीब सभी विभागों के मरीजों को थायराइड का टेस्ट करवाने की जरूरत पड़ सकती है।

ऑनलाइन कैसे चेक करें : पीजीआई में कई टेस्ट ऐसे हैं, जिनकी रिपोर्ट डॉक्टर के पास ऑनलाइन कंप्यूटर पर भेजी जाती है। इनमें थायराइड का टेस्ट भी शामिल है। डॉक्टर्स का कहना है कि ऑनलाइन सिस्टम ही ठीक नहीं। ओपीडी के सभी कमरों में कंप्यूटर उपलब्ध नहीं हैं। एक डॉक्टर ओपीडी में करीब 150 से 200 मरीज देखता है। ऐसे में ऑनलाइन रिपोर्ट कैसे चेक कर सकते हैं। सिस्टम दुरुस्त हो तो भी ऑनलाइन रिपोर्ट चेक करने के लिए स्टाफ बढ़ाना पड़ेगा।

400-500 की जरूरत : पीजीआई की ओपीडी में आने वाले मरीजों में से करीब 400-500 मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें डॉक्टर थायराइड टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। एक-डेढ साल पहले तक ओपीडी में करीब इतने ही टेस्ट होते थे। अब परेशानी बढ़ गई है। मरीजों को टेस्ट के लिए सुबह 5 या 6 बजे से लाइन में लगना पड़ता है। लाइन नहीं तो टेस्ट के लिए नंबर ही नहीं आएगा। इसके अलावा कई बार एक-एक मरीज को अलग-अलग दिनों में तीन-तीन बार लाइन में लगने के बाद भी टेस्ट के लिए नंबर नहीं आता।

प्राइवेट में 500 रुपये में टेस्ट : थायराइड टी-3, टी-4 और टीएसएच टेस्ट की सुविधा पीजीआई में नि:शुल्क मिलती है। लेकिन यहां अब टेस्ट करवाने में समस्या पैदा हो रही है। प्राइवेट लैब में ये टेस्ट 400 से 500 रुपये में किया जाता है। वो सरकारी लाभ लेने से वंचित हैं।

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