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पंचायत ने चंदूलाल मेडिकल कॉलेज से मांगा दो करोड़ टैक्स

आर्थिक मोर्चे पर डगमगा रहे चंदूलाल मेडिकल कॉलेज को अधिग्रहित करने शासन स्तर पर तैयारी शुरू हो चुकी है। 11 अफसरों को इसकी लेनदारी, देनदारी समेत पूरा हिसाब किताब देखने जवाबदारी दी गई है। इस बीच नया पेंच भी फंस गया। जिस कचांदूर गांव में मेडिकल कॉलेज है, वहां की पंचायत ने कॉलेज प्रबंधन से नौ सालों का टैक्स तकरीबन दो करोड़ रुपए मांगा है।

पंचायत ने चंदूलाल मेडिकल कॉलेज से मांगा दो करोड़ टैक्स
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मनोज साहू. भिलाई. आर्थिक मोर्चे पर डगमगा रहे चंदूलाल मेडिकल कॉलेज को अधिग्रहित करने शासन स्तर पर तैयारी शुरू हो चुकी है। 11 अफसरों को इसकी लेनदारी, देनदारी समेत पूरा हिसाब किताब देखने जवाबदारी दी गई है। इस बीच नया पेंच भी फंस गया। जिस कचांदूर गांव में मेडिकल कॉलेज है, वहां की पंचायत ने कॉलेज प्रबंधन से नौ सालों का टैक्स तकरीबन दो करोड़ रुपए मांगा है।

गौरतलब है कि चंदूलाल चद्रांकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज कचान्दुर को अधिग्रहण करने की घोषणा सीएम भूपेश बघेल ने फरवरी में की थी, लेकिन 5 माह बाद भी जिला प्रशासन केवल चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज की पेचिदगियों को सुलझाने में लग हुआ है। प्रक्रिया अब भी जारी है। इस बीच 15 मई को ग्राम पंचायत कचांदुर ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर बकाया टैक्स को ग्राम पंचायत में जमा करने निर्देशित किया है । नियम कानून का हवाला देते हुए नियत तिथि पर टैक्स अदा करने कहा गया है। अधिग्रहण से पहले यह मसला सुलझाना होगा। अधिग्रहण के लिए नियुक्त अफसरों के सामने भी पंचायत अपनी बात रखेगी।

एक साल का 22 लाख रुपए टैक्स

गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने बीते 9 साल से ग्राम पंचायत को टैक्स नहीं दिया है। एक साल का टैक्स 22 लाख 6800 रुपए है। 2013-14 से 2020-21 तक पूरे 9 साल का टैक्स कुल 1 करोड़ 98 लाख 61 हजार 200 रुपए हैं। नोटिस की मियाद पूरी हो गई है और करीब दो माह और बीत चुके हैं। ग्राम पंचायत के संरपंच झामीन साहू और उपसरपंच गोकुल साल ने बताया कि अब तक टैक्स जमा नहीं किया गया है। जबकि उन्होंने अतिरिक्त भार या समय पर टैक्स नहीं देेने पर कोई पेनाल्टी भी नहीं मांगा है।

छात्रों के भविष्य के लिए प्लानिंग

सीएम भूपेश बघेल ने मेडिकल कॉलेज को अधिग्रहण करने की घोषणा की। साथ ही मेडिकल कालेज छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। मेडिकल कॉलेज में जो छात्र प्रवेश ले चुके हैं, उनकी पढ़ाई निरंतर जारी रहे और पढ़ाई में कोई बाधा न आए इसके लिए छात्रों को दूसरे मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई पूरी कराने का भी निर्देश दिए हैं।

प्रक्रिया जारी है

चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉजेल कचांदुर का सरकारी करण किया जाना है। सीएम की घोषणा के बाद प्रक्रिया जारी है। शासन के आदेशानुसार कार्य कर रहे हैं।

-डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, कलेक्टर दुर्ग

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