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3 बस्तियों के हजारों रहवासियों को नोटिस, मांगे गए दस्तावेज़, जोन कमिश्नर ने कहा हमें नहीं मालूम

तीन बस्तियों को जोन 10 कमिश्नरी द्वारा नोटिस दे लोगों से उनके घरों के दस्तावेज मांगे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अपने ही जोन के कमिश्नर पर बिफरे अध्यक्ष। जोन कमिश्नर से सवाल- क्यों मांग रहे दस्तावेज। जनप्रतिनिधि को क्यों नहीं बताया। 3 बस्तियों के रहवासियों को नोटिस। पढ़िए पूरी ख़बर...

3 बस्तियों के हजारों रहवासियों को नोटिस, मांगे गए दस्तावेज़, जोन कमिश्नर ने कहा हमें नहीं मालूम
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रायपुर: नगर निगम के अमलीडीह स्थित जोन क्रमांक 10 दफ्तर में मंगलवार को उस समय खलबली मच गई, जब जोन अध्यक्ष आकाशदीप शर्मा ने वार्डवासियों के साथ अपने ही जोन के जोन कमिश्नर दिनेश कोसरिया पर सवालों की झड़ी लगा दी। श्री शर्मा इस बात से खासे नाराज नजर आए कि जोन के कर्मचारियों ने बिना उन्हें जानकारी दिए उनके ही जोन के 3 बस्तियों में घूम-घूमकर लोगों के घरों में जाकर नोटिस थमाई। यही नहीं लोगों से उनके घरों के दस्तावेज भी मांगे। इस दौरान जोन कमिश्नर अपने ही नोटिस का जवाब नहीं दे पाए। उन्हें कहना पड़ा कि कलेक्टर के निर्देश पर सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इसलिए बस्ती वासियों से दस्तावेज मांगा जा रहा है। सर्वेक्षण क्यों कराया जा रहा है, यह बात उन्हें भी नहीं मालूम।

3 बस्तियों के रहवासियों को नोटिस

जोन क्रमांक 10 के अध्यक्ष आकाशदीप शर्मा ने कहा, निगम के अधिकारी व कर्मचारियों ने कृष्णानगर, भरत नगर, गुरूमुख नगर बस्ती में घर-घर जाकर लोगों को नोटिस दिया है। उनके घरों का दस्तावेज मांगा है। बिना उन्हें जानकारी दिए वार्डवासियों को यह नोटिस थमाया गया है। इसके चलते लोगों में इस बात को लेकर हल्ला है कि उनकी बस्ती टूटेगी। जबकि राज्य शासन का इस तरह कोई आदेश नहीं है। इसी बात को लेेकर प्रभावित बस्ती के रहवासियों के साथ मैंने जोन दफ्तर जाकर जोन कमिश्नर दिनेश कोसरिया से सवाल किया। आखिर जनप्रतिनिधि को बताए बिना लोगों के घर जाकर नोटिस क्यों दिया? लोगों से उनके घरों का कागज क्यों मांग रहे? इस पर जोन कमिश्नर जवाब नहीं दे पाए। यह शर्मनाक बात है।

महापौर और कमिश्नर से शिकायत भी

3 बस्तियों के हजारों रहवासियों को जोन 10 कमिश्नरी द्वारा नोटिस दिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जोन कमिश्नर को घेरने के बाद अब जोन अध्यक्ष सीधे महापौर एजाज ढेबर और निगम आयुक्त प्रभात मलिक से गांधी सदन में इस मामले को लेकर शिकायत करने वाले हैं। उनका कहना है, गरीब परिवारों को बिना कारण नोटिस किस आधार पर दिया गया, घरों के दस्तावेज क्यों मांग रहे हैं। इस बात का जब तक जवाब नहीं मिलेगा वे चुप नहीं बैठेंगे। किसी भी हाल में गरीबों का घर नहीं उजड़ने देंगे।

आदेश के परिपालन में नोटिस

केनाल रोड के 50 मीटर के दायरे में जिनके मकान हैं, उनसे दस्तावेज मांगे गए हैं। कलेक्टर के आदेश के परिपालन में हमने संबंधित बस्ती के रहवासियों को नोटिस दी है। नायब तहसीलदार द्वारा टीम गठित कर सर्वे हुआ था। जोन अध्यक्ष को इस बात की जानकारी नहीं रही होगी। निगम मुख्यालय से भी पत्र मिला था।

- दिनेश कोसरिया, जोन कमिश्नर, जोन क्रमांक 10

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