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चिकित्सकों का कहना- युवाओं में गोरे रंग की चाहत अधिक, रोज नए मामले

रंगभेद पर छिड़ी बहस के बीच जानिए शहर के त्वचा क्लीनिकों का हाल

चिकित्सकों का कहना- युवाओं में गोरे रंग की चाहत अधिक, रोज नए मामले
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रायपुर. अमेरिका में बीते दिनों अश्वेत अमेरिकी नागरिक की मौत के बाद से पूरे विश्व में रंगभेद के खिलाफ अभियान तेज हो गए हैं। ब्लैक लाइव्स मैटर जैसे अभियान भी चल रहे हैं, जिसके समर्थन में भारत से भी बड़ी संख्या में लोग सामने आ रहे हैं। इसी के साथ हिंदुस्तान यूनीलीवर के ब्रांड फेयर एंड लवली से कंपनी ने फेयर शब्द हटाने का निर्णय किया और ग्लो एंड लवली नाम देने का फैसला किया है। शहर के त्वचा रोग विशेषज्ञों का कहना है कि हमारे देश में लोगों के बीच अभी भी गोरे रंग को बहुत क्रेज है, जिसके लिए बड़ी तादाद में लोग स्किन स्पेशलिस्ट के पास पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो अपनी त्वचा के रंग से संतुष्ट नहीं हैं और अधिक गोरे रंग की चाहत के साथ ट्रीटमेंट के लिए क्लीनिक पहुंचते हैं। इसमें युवाओं और लड़कियों की संख्या ज्यादा है।

पूरा शरीर चाहिए गोरे रंग का

डॉ. भरत सिंघानिया बताते हैं, गोरा रंग पाने का क्रेज हर किसी को होता है। इसे लेकर बड़ी संख्या में लोग हमारे पास आते हैं। इनमें ज्यादातर युवा ही आते हैं। इसमें कई ऐसे भी होते हैं तो गोरापन की चाहत में स्टेराॅयड वाले क्रीम का उपयोग करते हैं, जो बिना प्रिस्क्रिप्शन के मिलते हैं। यह शुरुआती समय में आपके रंग को गोरा तो करता है लेकिन इसके बहुत ही खतरनाक साइड इफेक्ट होते हैं। कुछ लोगों में ये क्रीम या लोशन जब रिएकश्न करते हैं तब ट्रीटमेंट के लिए आते हैं। साथ ही कुछ ऐसे भी होते हैं, जिन्हें अपना पूरा शरीर गोरे रंग का चाहिए होता है। इसमें महिला व पुरुष दोनों हैं। इसमें महिलाओं की संख्या ज्यादा होती है और पुरुषों की कम। गोरा रंग की चाहत में बड़ी उम्र की महिलाएं भी आती हैं हालांकि इनकी संख्या कम ही होती है। ट्रीटमेंट के दौरान हम लोगों की काउंसलिंग भी करते हैं और बताते हैं कि आपको भगवान ने जिस रंग के साथ जन्म दिया है वही बेस्ट है। इनमें की खामियों को दूर किया जा सकता है, जिससे आपकी त्वचा साफ हो।

शादी के लिए चाहिए गोरा रंग

मेकाहारा अस्पताल के चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. मृत्युंजय सिंह बताते हैं कि गोरा होने की चाहत में लोग आते ही रहते हैं। इसमें युवा वर्ग के लोग ज्यादा आते हैं, जिनकी नजदीक में शादी होने वाली होती है। इसमें पुरुष और महिलाएं दोनों होते हैं। साथ ही कुछ ऐसे भी लोग होते हैं, जो चाहते हैं कि उनका पूरा शरीर ही उपचार के माध्यम से गोरा कर दिया जाए। ऐसे में उनका हम काउंसिलिंग करके उपचार करते हैं। गोरे रंग को लेकर पुरुष और महिलाओं दोनों में क्रेज है। हालांकि महिलाओं की संख्या पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा ही होती है।

कम नहीं हुई गोरे रंग की चाहत

कालडा हॉस्पीटल के डॉ. सुनील कालडा बताते हैं कि गोरे रंग को लेकर प्रतिदिन लोग आते हैं। इसमें महिलाओं के साथ पुरुष भी होते हैं लेकिन उनकी संख्या कम ही होती है। गोरा रंग पाने की चाहत में ज्यादातर टीन एज ग्रुप के लोग और शादी करने वाले लोग आते हैं कि उनका रंग शादी तक गोरा हो जाए। गोरे रंग को लेकर लोगों की चाहत होती ही है और वे अपना ट्रीटमेंट करवाने यहां आते ही रहते हैं।

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