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फिर फूटा बड़ा गबन, हीरापुर वाइन शॉप में 16 लाख से ज्यादा की हेराफेरी

पंडरी के बाद दूसरी जगह से भी आर्थिक अनियमितता उजागर

फिर फूटा बड़ा गबन, हीरापुर वाइन शॉप में 16 लाख से ज्यादा की हेराफेरी
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रायपुर. हीरापुर इलाके में मौजूद अंग्रेजी वाइन शॉप में 16 लाख रुपये के गबन का नया मामला फूटा है। स्टाफ कर्मचारियों ने शराब बेचने के नाम पर भारी भरकम हेराफेरी करते हुए सरकारी खजाने में सेंध लगाई है। यह मामला तब फूटा है, जब नए प्रभारी अफसर की मौजूदगी में ऑडिट रिपोर्ट तैयार की गई है। इसके पहले ही पंडरी स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में 26 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला पकड़ में आ चुका है, जिसके बाद सुपरवाइजर समेत आधा दर्जन कर्मचारियों के बयान लिए गए हैं। शराब बिक्री के नाम पर परमिट वाले स्टॉक की बिक्री और फिर अवैधानिक तरीके से सरकारी खजाना लूटने के इस मामले से अब अफसरों के होश उड़ गए हैं।

शराब बिक्री से होने वाली कमाई में सेंधमारी के नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी को नोटिस जारी किया जा रहा है। पंडरी के बाद हीरापुर में गबन के दूसरे मामले ने सर्किल में रहने वाले प्रभारी अफसरों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डिस्टलरी से निकले स्टाॅक के दुकान में पहुंचने और फिर बेहिसाब बिक्री से पूरा सिस्टम संदेह के घेरे में है। एमडी सीएसएमसीएल एपी त्रिपाठी के निर्देश पर हर दुकान में जांच कर ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने पर गड़बड़ियां बाहर आ रही हैं। हीरापुर अंग्रेजी वाइन शॉप में पिछले छह माह के भीतर अवैधानिक तरीके से यह रकम उड़ाई गई है। जांच रिपोर्ट पूरी होने के बाद कंपनी से भरपाई के लिए अब नोटिस जारी कर दिया गया है।

ओवररेट में अलग से घपलेबाजी आम

अभी ऑडिट में जो हिसाब बाहर आ रहे हैं, वह भेजे गए स्टॉक के हैं। यह स्टॉक दुकानों में बेचने के लिए भेजा गया था, जिसके लिए स्कैनिंग और बार कोड का सिस्टम बना है। जिला आबकारी के पास लगभग हर एक दुकान से ओवररेट में शराब बेचने की दर्जनों की शिकायतें हैं। सुपरवाइजर से लेकर निचले स्टाफ की मिलीभगत से ओवररेट में भी तगड़ा कारोबार कर मुनाफे का बंटवारा किया गया है।

तो आबकारी को लग सकता है एक करोड़ का फटका...

जिस तरह से घटती यानी की शराब बिक्री में आबकारी विभाग को होने वाला घाटा लाखों रुपये में सामने आ रहा है, जिले की सभी दुकानों का हिसाब एक करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। जिले में आबकारी का बतौर प्लेसमेंट कंपनी एलर्ट कमांडो के साथ करार है, लेकिन मैनेजमेंट का काम पूरी तरह से ए टू जेड कंपनी को सौंपे जाने की खबर है। नुकसान की भरपाई के नाम पर टकराव के हालात बन सकते हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर कंपनी की तरफ से अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है। अफसर बात करने से बच रहे हैं।

हीरापुर अंग्रेजी वाइन शॉप के लिए हाल ही में सर्किल प्रभार बदला है। बीते तीन जुलाई को आबकारी इंस्पेक्टर पंकज कुजूर को प्रभार सौंपा गया है। नए प्रभारी की अगवाई में जांच पड़ताल होने पर गड़बड़ी बाहर आई है। बताया गया है, इसके पहले जेबा खान और दीप महीस के पास वाइन शॉप का प्रभार था। इसके पूर्व पंडरी में भी मामला तब पकड़ में आया, जब यहां से प्रभार बदलकर आबकारी इंस्पेक्टर नीलम किरण को सौंपा गया था। अंदेशा है, पूर्व प्रभारी अफसर सुप्रिया तिवारी के वक्त सुपरवाइजर-कर्मचारियों ने गड़बड़ियां की। पूर्व प्रभारी तिवारी के बताए अनुसार उन्हें भी भनक नहीं लगी।


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