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निकम्मेपन का नजारा, आधे शहर में स्ट्रीट लाइटें खराब, शिकायतें बेहिसाब, सुनवाई नहीं

नगर निगम और शहर की बिजली व्यवस्था का ठेका लेने वाली एजेंसी के निकम्मेपन की इंतेहां हो गई। लाखों रुपए ठेका कंपनी को भुगतान किए जाने के बाद भी आधा शहर रोज सांझ ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है। हजारों स्ट्रीट लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं, जिसे सुधार करना तो दूर, नगर निगम के अफसर और ठेकेदार के कर्मचारी झांकने तक नहीं आते।

निकम्मेपन का नजारा, आधे शहर में स्ट्रीट लाइटें खराब, शिकायतें बेहिसाब, सुनवाई नहीं
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रायपुर. नगर निगम और शहर की बिजली व्यवस्था का ठेका लेने वाली एजेंसी के निकम्मेपन की इंतेहां हो गई। लाखों रुपए ठेका कंपनी को भुगतान किए जाने के बाद भी आधा शहर रोज सांझ ढलते ही अंधेरे में डूब जाता है। हजारों स्ट्रीट लाइटें महीनों से खराब पड़ी हैं, जिसे सुधार करना तो दूर, नगर निगम के अफसर और ठेकेदार के कर्मचारी झांकने तक नहीं आते।

पार्षद से लेकर पब्लिक तक शिकायत करते थक चुके हैं, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं आया। शहर के आधा दर्जन वार्डाें के पार्षदों ने बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने की मांग को लेकर नगर निगम आयुक्त साैरभ कुमार को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है, ज्यादातर वार्ड में 16 से 18 वाॅट की स्ट्रीट लाइट लगाई गई, जिसमें बेहद कम राेशनी होने से वार्डवासियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

विसर्जन कुंड के आसपास लाइट नहीं, भाठागांव मेन रोड पर अंधेरा

महादेवघाट रोड पर विसर्जन कुंड के पास स्ट्रीट लाइट नहीं होने से यहां अंधेरा रहता है। भाठागांव मुख्य मार्ग की लाइट खराब है। आरडीए कालोनी वाले पुराने रास्ते में यही दिक्कत है। वार्ड पार्षद वीरेंद्र देवांगन का कहना है, वार्ड की करीब सौ स्ट्रीट पोल की लाइट खराब है। वहीं सौ नए स्ट्रीट पोल में लाइट महीनेभर बाद भी नहीं लगाई गई।

80 फीसदी लाइट खराब नए खंबे शो पीस

भक्त कर्मा माता वार्ड में 80 फीसदी स्ट्रीट लाइट बंद है। बिजली सुधारने वाली गैंग के केवल दो कर्मचारी सप्ताह में एक दिन इस वार्ड में आते हैं और गिने-चुने इलाके में खानापूर्ति कर लौट जाते हैं। वार्ड में अशोक वाटिका कालोनी, चंगोराभाठा, श्रीराम नगर, रिंगरोड , वृंदावन कालोनी, ब्रम्हदेव कालोनी में स्ट्रीट लाइट खराब है। पार्षद उत्तम साहू का कहना है, जनता की मूलभूत जरूरत को लेकर निगम प्रशासन बेपरवाह है। बिजली जैसी मूलभूत जरूरत पर ध्यान दिया जाए।

केस- 01 : डूंडा बस्ती अंधेरे में डूबी

कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड की डूंडा बस्ती का बुरा हाल है। यहां अरसे से स्ट्रीट लाइट बंद है, जिसकी वजह से ग्रामवासियों को शाम ढलते ही घरों में कैद होकर रहना पड़ता है। जबकि नगर निगम यहां के रहवासियों से हर साल टैक्स वसूलता है। वार्ड पार्षद उमा-चंद्रहास निर्मलकर का कहना है, डूंडा बस्ती के अलावा श्रद्धा विहार, ओम सांई नगर, सिद्धि विनायक कालोनी, सांई नगर, दुर्गानगर की स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है।

केस- 02 : बंजरपारा सड्डू में घुप्प अंधेरा, आमासिवनी की लाइट खराब

पं. मोतीलाल नेहरू वार्ड के बंजरपारा सड्डू में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं जलने से शाम सात बजे के बाद यहां घुप्प अंधेरा छा जाता है। इसका फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं। सड्डू के हाट-बाजार के चबूतरे में एक-एक लाइट की व्यवस्था करने निर्देश दिए महीनों बीत गए, पर एक भी लाइट यहां नहीं लगी। आमासिवनी के बाजार में स्ट्रीट लाइट अरसे से बंद पड़ी है। पार्षद गोपेश साहू ने आयुक्त से शिकायत कर इसे दुरुस्त करने की मांग की। वार्ड के चंडीनगर, गणेशनगर, वीआईपी क्लब के पीछे वाली कालोनी में स्ट्रीट लाइट के पोल नहीं लग पाने से अंधेरे में लेाग आवागमन करने विवश हैं।

केस- 03 : कम वाॅट के स्ट्रीट लाइट, पर्याप्त रोशनी नहीं

महंत लक्ष्मीनारायण वार्ड के गोवर्धन चौक, सरस्वती चौक, गजराज चाैक, ढीमरपारा, खोखोपारा गणपत सिंधी स्कूल इलाके में स्ट्रीट लाइट खराब होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। एमआईसी सदस्य एवं वार्ड पार्षद जितेंद्र अग्रवाल ने निगम आयुक्त से शिकायत कर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करने की मांग की है। साथ ही कम रोशनी वाली स्ट्रीट लाइट को बदलकर ज्यादा वाॅट की लाइट लगवाने का आग्रह किया है।

केस- 04 : अमलीडीह बस्ती, महात्मा गांधी नगर में स्ट्रीट लाइट खराब

डॉ. राजेंद्र प्रसाद वार्ड में अमलीडीह बस्ती, महात्मा गांधी नगर ,कुकरेजा फार्म हाउस रोड, पवन विहार, विद्यानगर, गंगानगर, गुलमोहर वाटिका, अमृत होम बीएसयूपी कालोनी में बरसात के समय बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट को लेकर पार्षद संध्या-नानू ठाकुर ने निगम मुख्यालय में शिकायत की है। उनका कहना है, स्मार्ट सिटी योजना में तालाब सौंदर्यीकरण के लिए जब लाखों रुपए दे सकते हैं तो शहर की स्ट्रीट लाइट सुधारने स्मार्ट सिटी से पैसा क्यों नहीं देते? बरसात के समय कम से कम लाइट ही ठीक कर देते।

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