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सावधान! धूल भरी हवाएं आखों के लिए खतरनाक

गर्मी के मौसम (Summer Season) में बढ़़ती धूप और धूल-प्रदूषण आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके साथ ही नेत्र रोगियों (Eye patients) की संख्या भी बढ़ने लगी है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी (OPD) में प्रतिदिन डेढ़ सौ से ज्यादा मरीज आंखों की परेशानी के इलाज के लिए अपना नाम दर्ज करवा रहे हैं।

सावधान! धूल भरी हवाएं आखों के लिए खतरनाक
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बहादुरगढ़ : महिला मरीज की आंखें चेक करतीं डॉ. मालविका बंसल।

हरिभूमि न्यूज. बहादुरगढ़

आंखें कुदरत की अनमोल देन हैं। इनके बिना तो दुनिया एक अंधेरा है। इस कारण आंखों की संभाल रखना बहुत जरूरी है। खासकर धूप व धूल भरी हवाओं से आंखों का बचाव करना बहुत ही आवश्यक है। नागरिक अस्पताल (Civil hospital) की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका बंसल (Ophthalmologist Dr. Malvika Bansal) ने आंखों को सुरक्षित रखने के लिए कुछ टिप्स (Tips) बताए। क्योंकि इन दिनों धूल भरी हवाओं के चलने से नेत्र रोगियों में बढ़ोतरी हुई है।

दरअसल, गर्मी के मौसम में बढ़़ती धूप और धूल-प्रदूषण आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके साथ ही नेत्र रोगियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन डेढ़ सौ से ज्यादा मरीज आंखों की परेशानी के इलाज के लिए अपना नाम दर्ज करवा रहे हैं। निजी चिकित्सालयों में भी नेत्र रोगी आंखों में संक्रमण की शिकायत लेकर चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मालविका बंसल ने बताया कि गर्मी में तेज धूप के साथ धूल भरी हवाएं और रसायनिक धुआं हानिकारक है। इनसे आंखों को सुरक्षित रखने के लिए बाहरी उपायों के साथ ही खानपान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे ललित ने बताया कि आंखों में चुभन होने के बाद पानी आ रहा था, धीरे धीरे सूजन भी बढ़ गई। आंखों की जांच करवाई तो पता चला कि संक्रमण के कारण पलकों और कार्निया के बीच गंदगी बढ़ गई है। अस्पताल में इलाज करवाने आई सुनीता की आंखे भी लाल हो गई हैं। संक्रमण के कारण आंखों से पानी निकलने के कारण संक्रमण बढ़ गया है।

डॉ. मालविका बंसल ने बताया कि गर्मियों में आंखों की बीमारियों की शिकायत बढ़ जाती है। इसका मुख्य कारण गर्मी, प्रदूषण, धूल भरी आंधी, गेहूं की कटाई के कारण उड़ती डस्ट, अवशेष को जलाने से उड़ने वाले धुएं के अलावा दूषित पानी की सप्लाई है। तेज धूप के कारण भी आंखों को कोई तकलीफ हो सकती है। उन्होंने बताया कि इससे आंखों में दर्द, पानी बहना, लाली आना, खारिश होना, सोजिश हो सकती है। ऐसे में तेज धूप में निकलते समय चश्मे का प्रयोग किया जाए तो सबसे उत्तम है, लेकिन चश्मा अच्छी क्वालिटी का होना चाहिए। चश्मा काले रंग का हो तो अधिक फायदा है। दिन में कई बार ठंडे पानी के छींटे मारें। आंखों में कोई चीज पड़ जाने पर आंखों को मसले नहीं। डॉक्टर की सलाह के बगैर आंखों में कोई दवा न डालें। आंखों के लिए विटामिन ए जरूरी है। ऐसे पदार्थ अपने आहार में शामिल करें, जो विटामिन ए से भरपूर हों। पालक, गाजर, आंवला, सौंफ, हरा धनिया, मेथी, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, बादाम का सेवन आंखों के लिए लाभदायक होता है।

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