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क्रिकेट स्टेडियम से कमाई फूटी कौड़ी नहीं, मेंटेनेंस पर लाखों खर्च

मेंटेनेंस पर सरकारी खर्च ज्यादा नहीं, क्रिकेट संघ ने ले रखा है मैदान का जिम्मा

क्रिकेट स्टेडियम से कमाई फूटी कौड़ी नहीं, मेंटेनेंस पर लाखों खर्च
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रायपुर. शहीद वीरनारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम सफेद हाथी साबित हो रहा है। सौ करोड़ के इस स्टेडियम से फूटी-कौड़ी की कमाई तो नहीं हो रही है, लेकिन मेंटेनेंस पर लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं। सरकार के लिए राहत की बात यही है कि मेंटेनेंस के लिए सरकारी खजाने से ज्यादा खर्च करना नहीं पड़ रहा है, क्योंकि मैदान पर होने वाला सारा खर्च छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ कर रहा है।

प्रदेश के खेल स्टेडियमों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। ऐसे में यह एक अच्छी बात है कि राजधानी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम कम से कम बदहाल होने से बचा हुआ है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि इसके मेंटेनेंस का जिम्मा छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ ने ले रखा है। इसके पहले लोक निर्माण विभाग के पास जिम्मा था तो सरकारी खजाने से भारी खर्च हो रहा था, लेकिन बाद में मैदान को क्रिकेट संघ के हवाले कर दिया गया। कुछ सालों से क्रिकेट संघ ही मैदान की देखरेख कर रहा है। मैदान के बाहर की साफ सफाई के साथ बाकी स्टेडियम को मेंटेनेंस करने का काम लोक निर्माण विभाग कर रहा है, पर इस कार्य में उसे ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता।

सालभर में 60 लाख खर्च

स्टेडियम के मैदान के मेंटेनेंस और बिजली बिल को मिलाकर क्रिकेट संघ को हर माह करीब पांच लाख का खर्च करना पड़ रहा है। मैदान की देखरेख के लिए एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारी रखे गए हैं। मैदान की घास को काटने के लिए मशीन के साथ रोलर भी रखा गया है। क्रिकेट संघ के मीडिया प्रभारी राजेश दवे कहते हैं, अगर मैदान को लगातार मेंटेन नहीं रखा गया तो यह खराब हो जाएगा। मैदान खराब होने का मतलब है पिच का खराब होना और पिच खराब होने पर उसको बनाने में लाखों लग जाते हैं।

करोड़ों का बिजली बिल अब तक बकाया

स्टेडियम का तीन करोड़ से ज्यादा का बिजली बिल आज तक जमा न होने के कारण स्टेडियम की बिजली करीब तीन साल से कटी हुई है। स्टेडियम में क्रिकेट संघ अस्थाई कनेक्शन लेकर ही काम चल रहा है। इसका बिल भी क्रिकेट संघ देता है। बिजली बिल का मामला लोक निर्माण विभाग और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के बीच फंसा हुआ है। इसे अब तक सुलझाया नहीं जा सका है।

कमाई फूटी-कौड़ी नहीं

स्टेडियम में अब तक कोई भी ऐसा आयोजन नहीं हुआ है, जिससे कमाई हो सके। यहां पर आईपीएल के साथ चैंपियंस लीग के भी मैच हुए हैं, लेकिन स्टेडियम के किराए के नाम पर कुछ नहीं मिला है। अब तक किराए को लेकर भी कोई नीति और नियम नहीं बना है। वैसे भी यहां पर आयोजन कम होने के कारण कमाई होने का सवाल ही नहीं है। यही वजह है कि क्रिकेट संघ को मैदान का जिम्मा दिया गया है, ताकि सरकार खजाने से मेंटेनेंस के लिए खर्च करना न पड़े।

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