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मानव तस्करी के जरिए ट्रेन से पंजाब ले जाए जा रहे यूपी-बिहार के 17 बच्चे बरामद, आठ लोग हिरासत में

बाल मजदूरी के लिए इन बच्चों को बिहार व उत्तरप्रदेश से लाया जा रहा था। अब इनके आधारकार्ड व दूसरे दस्तावेजों के जरिए उम्र का पता लगाया जा रहा है। बाल कल्याण परिषद की ओर से इन सभी बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है। इसके बाद इनके परिजनों को बुलाकर जांच की जाएगी।

मानव तस्करी के जरिए ट्रेन से पंजाब ले जाए जा रहे यूपी-बिहार के 17 बच्चे बरामद, आठ लोग हिरासत में
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 ट्रेन से बरामद गए बच्चों को मेडिकल जांच के लिए नागिरक अस्पताल लाई पुलिस।

हरिभूमि न्यूज : अंबाला

संयुक्त जांच टीम ने मानव तस्करी के जरिए पंजाब ले जाए जा रहे 17 बच्चे एक ट्रेन से जब्त किए हैं। बाल मजदूरी के लिए इन बच्चों को बिहार व उत्तरप्रदेश से लाया जा रहा था। इनको ले जाने वाले आठ लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। अब इन बच्चों के आधारकार्ड व दूसरे दस्तावेजों के जरिए उनकी उम्र का पता लगाया जा रहा है। अभी बाल कल्याण परिषद की ओर से इन सभी बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है। इसके बाद उनके परिजनों को बुलाकर जांच की जाएगी। पूरी जांच के बाद ही इन बच्चों को बाल मजदूरी के लिए ले जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सूचना के बाद स्टेशन पर बढ़ी हलचल

वीरवार को बचपन बचाओ आंदोलन के पदाधिकारियों को सिक्किम से अमृतसर के लिए निकली कर्मभूमि एक्सप्रेस ट्रेन में बड़े स्तर पर बाल मजदूरी के लिए बच्चों की तस्करी होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पूरे मामले से रेलवे अधिकारियों के साथ एसएचओ जीआरपी, प्रभारी आरपीएफ, हेल्पलाइन व मानव तस्करी के खिलाफ काम करने वाली संस्था के पदाधिकारियों को भी अवगत करवाया गया। कार्रवाई के लिए एक संयुक्त जांच टीम भी बनाई गई। तब छावनी रेलवे स्टेशन पर आने वाली इस ट्रेन में सर्च अभियान चलाने का नर्णिय लिया गया। ट्रेन के स्टेशन पर आने से पहले ही जीआरपी व आरपीएफ के साथ दूसरी संस्थाओं से जुड़े पदाधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया। अचानक प्लेटफोर्म नंबर 6 पर बढ़ी हलचल से दूसरे यात्री भी घबरा गए। ट्रेन के स्टेशन पर आते ही इसके हर डिब्बे को खंगाला गया। तब जांच टीम को ट्रेन से एक के बाद एक 17 बच्चे मिले। शुरूआती जांच के बाद यह पता चला कि इन बच्चों को बाल मजदूरी के लिए पंजाब के लुधियाना, जालंधर व अमृतसर समेत कई जिलों में ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इन्हें साथ ले जा रहे आठ लोगों को भी हिरासत में लिया है।

दस्तावेजों की चल रही जांच

ट्रेन से जब्त किए गए सभी बच्चों की असल उम्र का पता लगाने के लिए अब पुलिस इनके दस्तावेजों की जांच कर रही है। आधारकार्ड के साथ इन बच्चों के शक्षिा व दूसरे दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। इनके परिजनों से भी बच्चों को लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरूआती जांच में 11 बच्चों की उम्र 15 साल या फिर उससे कम बताई जा रही है। हालांकि अभी पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की है। मगर यह बात सामने आई है कि एक दर्जन से ज्यादा बच्चे 15 साल से कम उम्र के हैं। इन बच्चों को पंजाब लेकर जाने वाले लोगों से भी गहन पूछताछ चल रही है। पूरी कार्रवाई के बाद ही इनके खिलाफ केस दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।

दो दर्जन से ज्यादा बच्चे हो चुके जब्त

अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन से संयुक्त जांच टीम अभी तक दो दर्जन से ज्यादा बच्चों को जब्त कर चुकी है। इससे पहले भी जांच टीम की ओर से दो ट्रेनों में सर्च ऑप्रेशन चलाया गया था। सूचना के बाद हुई इस कार्रवाई के दौरान कई बच्चे जब्त किए गए थे। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में बिहार व उत्तरप्रदेश से बच्चों को तस्करी के जरिए पंजाब ले जाया जाता है। इसके बाद वहां उनसे बाल मजदूरी करवाई जाती है। चोरीछुपे लंबे समय से यह कारोबार चल रहा है।


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