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आंदोलन के डर से दोपहर तक ट्रकों को नहीं रोका, झारखंड बाॅर्डर पर घंटेभर हार्न बजाकर किया प्रदर्शन

ट्रांसपोर्टर्स यूनियन ने जांच के नाम पर जबरन वसूली का लगाया आरोप

आंदोलन के डर से दोपहर तक ट्रकों को नहीं रोका, झारखंड बाॅर्डर पर घंटेभर हार्न बजाकर किया प्रदर्शन
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रायपुर. ओवरलोडिंग रोकने तथा सुरक्षा का हवाला देकर ट्रकों की जांच करने राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी सीमाओं पर एक बार फिर से बैरियर शुरू करने का आदेश दिया है। राज्य सरकार के आदेश से ट्रांसपोर्ट यूनियन आक्रोशित है। इसके चलते अलग-अलग ट्रांसपोर्ट यूनियन के नेताओं ने शनिवार को राज्य की सीमा के बैरियर पर ट्रकों को खड़ा कर एक घंटे तक हार्न बजाकर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था।

इस बात की जानकारी मिलने के बाद सभी बैरियर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। राज्य में एक बार फिर से बैरियर प्रथा चालू होने से नाराज ट्रांसपोर्टर सरकार पर बैरियर प्रथा समाप्त करने हर तरह से दबाव बनाने की कोशिश में जुट गए हैं। इसी के चलते ट्रांसपोेटर्र चेकपोस्ट पर, जहां राज्य की सीमा में प्रवेश करने रसीद काटी जा रही है, वहां अपने ट्रकें खड़े कर एक घंटे तक हार्न बजाने की चेतावनी दी थी।

ट्रक ऑपरेटरों के आंदोलन को देखते हुए परिवहन विभाग ने तड़के छह बजे से ट्रकों को चेकपोस्ट के पास महज कुछ देर रोकने के बाद तत्काल ट्रक चालकोें को वाहन ले जाने के लिए कह दिया। यह सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। बावजूद इसके छत्तीसगढ़-झारखंड बाॅर्डर के लोदाम में ट्रक चालकों ने हार्न बजाकर प्रदर्शन किया।

ऐसे में ट्रक चलाना मुश्किल होगा

ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के नेता के अनुसार लॉकडाउन में ट्रकें नहीं चलने की वजह से वैसे भी ट्रांसपोर्टर आर्थिक बदहाली की मार झेल रहे हैं। ऐसी स्थिति में बैरियर शुरू होने से ट्रांसपोर्टरों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। ट्रांसपोर्ट कांग्रेस नेता ने बैरियर प्रथा बंद करने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर से मिलकर अपनी बात रखने की बात कही। साथ ही किसी तरह से रास्ता नहीं निकलने पर आने वाले दिनों में राजधानी में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

दोपहर बाद सख्ती शुरू

दोपहर बाद परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने ट्रकों को ओवरलोडिंग तथा दस्तावेजों की जांच करने के नाम पर रोकना शुरू कर दिया। ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि परिवहन विभाग के कर्मचारी दूसरे राज्यों के ट्रकों से ढाई से तीन हजार तथा प्रदेश के ट्रकों से डेढ़ हजार रुपए की जबरन रसीद काट रहे हैं। इसके चलते चेकपोस्ट में ट्रकों की लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई है।

अन्य राज्यों में भी बैरियर खुलने का डर

ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के नेता के अनुसार देश के ज्यादातर राज्यों में बैरियर प्रथा समाप्त कर दी गई है। छत्तीसगढ़ में बैरियर चालू होने के बाद देखा-देखी में दूसरे राज्य बैरियर प्रथा एक बार फिर से चालू कर सकते हैं। इससे नुकसान में चल रहे ट्रांसपोर्टरों के ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के नेता ने राज्य में महाराष्ट्र, गुजरात की तर्ज पर इंटिग्रेटेड चेकपोस्ट शुरू करने की मांग की है।

जांच के नाम पर खानापूर्ति

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के मैनेजिंग कमेटी छत्तीसगढ़ के सदस्य सुखदेव सिंग सिद्धू के अनुसार चेकपोस्ट में जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। चेकपोस्ट पर मालवाहक वाहनों का वजन करने धरमकांटा नहीं है। इससे परिवहन विभाग के अधिकारी ट्रकों में ओवरलोडिंग होने की जानकारी कैसे हासिल कर सकते हैं। इसके साथ ही दस्तावेजों की जांच करने के नाम पर ट्रक खड़े करने से जाम की स्थिति निर्मित हो रही है।

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