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हरियाणा में चल रहा धर्मांतरण का धंधा : ग्रामीण बोले- ईसाई मिशनरी के लोग गांवों में करते हैं बाइबल का पाठ, लालच देकर करवाते धर्म परिवर्तन

धर्मांतरण कार्यक्रम के रोष स्वरूप शनिवार को गांव में ग्रामीण एकत्रित हुए। लोगों का कहना था कि प्रत्येक रविवार को ईसाई मशीनरी के कुछ लोग गांवों में पहुंचते हैं और कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। इस दौरान कुछ लोगों को लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन तक करवाया जाता है।

हरियाणा में चल रहा धर्मांतरण का धंधा : ग्रामीण बोले- ईसाई मिशनरी के लोग गांवों में करते हैं बाइबल का पाठ, लालच देकर करवाते धर्म परिवर्तन
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गांव बराहखुर्द में एकत्रित हुए ग्रामीण।

हरिभूमि न्यूज. जींद

आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से जूझ रहे युवाओं को जाल में फंसा कर धर्म परिवर्तन ( religious conversion ) कराने के मामला एक बार फिर सामने आया है। इस बार धर्मांतरण करवाए जाने के आरोप गांव बराहखुर्द में लगाए गए हैं। धर्मांतरण कार्यक्रम के रोष स्वरूप शनिवार को गांव में ग्रामीण एकत्रित हुए। इसमें गांव के अलावा गांव बराह कलां, गांव बराहखुर्द, अशरफगढ़ के लोगों ने भी भाग लिया और साथ ही कुछ हिंदू संगठनों के लोग भी शामिल रहे। जिसमें कहा गया कि ईसाई मिशनरी ( christian missionary ) द्वारा पिछले अढ़ाई वर्ष से गांव तथा आसपास के क्षेत्र में प्रचार अभियान चला कर करवाए जा रहे धर्मांतरण पर रोष जताया गया। यहां मौजूद लोगों का कहना था कि प्रत्येक रविवार को ईसाई मिशनरी के कुछ लोग गांवों में पहुंचते हैं और कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। इस दौरान कुछ लोगों को लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन तक करवाया जाता है। ये लोग उन लोगों पर ज्यादा ध्यान देते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में ईसाई मिशनरी के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की भी मांग उठी। ऐसा दावा भी किया गया कि ईसाई मिशनरी के बहकावे में आकर 20 से 30 परिवार ( लगभग 200 से 225 ) लोग धर्म परिवर्तन तक कर चुके हैं।

पिछले काफी समय से चल रहा धर्मांतरण का कार्य

इस दौरान पवन ने बताया कि वो पिछले काफी समय से देख रहे हैं कि गांव तथा आसपास क्षेत्र में ईसाई मिशनरी के लोग पहुंचते हैं और पूजा कार्यक्रम करते हैं। जिसमें लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जाता है। शनिवार को बरहा खुर्द गांव में धमांर्तरण को रूकवाने के लिए काफी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इसमें कहा गया कि ईसाई मिशनरी यहां पर बहुत ज़्यादा सक्रिय है और ग्रामीण उनसे बहुत परेशान हैं। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि इस ईसाईकरण को हर हाल में रोकने का प्रयास किया जाएगा और धर्मांतरण नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में हर रविवार को गांव से बाहर जींद-सफीदों रोड के नजदीक करीब आधा एकड़ जगह में बाइबल का पाठ किया जाता है और गांव वालों को बाइबल के बारे में जानकारी दी जाती है। जब उनसे इस बारे में बातचीत की जाती है तो वो कोई स्पष्ट जवाब नहीं देते। ग्रामीणाें की प्रशासन से मांग है कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई की जाए ताकि ईसाई मिशनरी के बहकावे में आकर अधिक लोग धर्मांतरण न कर लें। वहीं गांव बराहखुर्द के निवर्तमान सरपंच रोहताश ने बताया कि वो इस मामले में कोई बात नहीं करना चाहते। इस मामले को ग्रामीण स्तर पर ही देखा जाएगा। ग्रामीण जो भी निर्णय लेंगे वो गांव स्तर पर होगा।

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