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मजदूर की बेटी ने राष्ट्रीय लोक गायन प्रतियोगिता में पाया देश में दूसरा स्थान

बृहस्पतिवार को इस बात का पता चला तो जिला उपायुक्त सुजान सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा, जिला परियोजना संयोजक प्रेम सिंह पुनिया आदि ने छात्रा मुस्कान को बधाई दी तथा उनका मुंह मीठा करवाया।

मजदूर की बेटी ने राष्ट्रीय लोक गायन प्रतियोगिता में पाया देश में दूसरा स्थान
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छात्रा मुस्कान 

नरेश पंवार : कैथल

कौन कहता है कि बेटे ही अपने माता-पिता व देश का नाम रोशन करते हैं बल्कि बेटियां भी करती हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है कि कैथल जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नौच की 12वीं की छात्रा मुस्कान ने। छात्रा ने राष्ट्रीय लोक गायन रागिनी में देश भर में दूसरा स्थान हासिल कर अपने माता-पिता के साथ-साथ जिले व प्रदेश का नाम रोशन किया है।

जैसे ही बृहस्पतिवार को इस बात का पता चला तो जिला उपायुक्त सुजान सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा, जिला परियोजना संयोजक प्रेम सिंह पुनिया आदि ने छात्रा मुस्कान को बधाई दी तथा उनका मुंह मीठा करवाया। छात्रा की इस उपलब्धि पर स्कूल प्राचार्य शमशेर सिंह, उसके संगीत प्रशिक्षक अनिल भारती, सुभाष शर्मा व सुमित कुमार भी फूले नहीं समा रहे हैं। छात्रा को बलजीत खटकड, नीलम देवी, सतपाल मलिक, हीरा सिंह, कुशल कुमार, विकास नागपाल आदि ने भी बधाई दी।

गौरतलब है कि इस प्रतियोगिता का परिणाम 28 जनवरी को शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा आनलाइन घोषित किया गया है। यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय कला उत्सव एनसीइआरटी दिल्ली में 11 से 22 जनवरी तक आयोजित किया गया था जिसमें राज्य में अव्वल रही टीमों ने भाग लिया था। प्रदेश में टॉपर रही छात्रा मुस्कान को विभाग की ओर से तीन हजार रुपये का चेक, राष्ट्रीय स्तर पर मेडल व स्मृति चिह्न दिया जाएगा।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय क्योड़क में कार्यरत संगीत अध्यापक अनिल भारती करीब सात साल पहले मुस्कान से मिले तथा उन्होंने मुस्कान की कला को देखा। मुस्कान के पिता सुरेश जहां प्राइवेट कार्य करते हैं तो वहीं उसकी मां गीता एक गृहिणी है। मुस्कान के परिवार में उसे दो भाई भी हैं। मुस्कान के माता-पिता ने आर्थिक अभाव के बावजूद बेटी की कला को निखारने का अवसर दिया। इसके बाद संगीत अध्यापक अनिल भारती ने दूसरे संगीत अध्यापक सुमित भार्गव, सुभाष शर्मा व अन्य के सहयोग से छात्रा मुस्कान की कला को इस तरह से निखारा कि मुसकान खंड स्तर फिर जिला स्तर तथा इसके बाद राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा की अमिट छाप छोड़ने में कामयाब रही। 2019 में भी मुस्कान ने प्रदेश में अव्वल रहकर रागनी में राष्ट्रीय कला उत्सव में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया था। वहां पर उनका गायन अव्वल रहा था लेकिन वे मेडल नहीं जीत सकी थी। इसके बावजूद मुस्कान का हौसला कम नहीं हुआ तथा उन्होंने अपने अध्यापकों व माता-पिता के सहयोग से अपना संगीत के प्रति रियाज जारी रखा।

दिसंबर 2020 में कोविड-19 के चलते सभी तरह के कला उत्सव प्रतियोगिता आनलाइन करवाई गई। इस पर मुस्कान को अपनी तैयारी करने के लिए अतिरिक्त समय देना पड़ा क्योंकि आनलाइन व आफलाइन में कुछ अंतर था। दिसंबर में आयोजित राज्य स्तरीय कला उत्सव में मुस्कान ने अपने गायन की अमित छाप छोड़ते हुए सभी को दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर कर दिया तथा सभी की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच निर्णायक मंडल ने उसे गोल्ड मैडल से नवाजा था।

नस-नस में भरा है संगीत

मुस्कान के संगीत अध्यापक अनिल भारती ने कहा कि संगीत मुस्कान की नस-नस में भरा है। उन्होंने तो उसे केवल निखारने का काम किया है। उन्हें पूरा विश्वास है कि मुस्कान जरूर प्रदेश की झोली में गोल्ड मैडल डालते हुए जिला व प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।

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