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केपीएस की जमीन खिसकी, 15 करोड़ की 3528 वर्गफीट भूमि भी कब्जामुक्त

कार्रवाई: 50 हजार वर्गफीट जमीन पहले ही मुक्त कराई जा चुकी है। कब्जामुक्त कुल जमीन की वर्तमान कीमत करीब 15 करोड़ (15 crores)। केपीएस (KPS) ने कुल 56 हजार वर्गफीट जमीन पर कब्जा कर रखा था। सितंबर में 50 हजार वर्गफीट जमीन को मुक्त कराया गया। बची जमीन मुक्त करने केपीएस को समय दिया गया। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने जमीन नहीं छोड़ी। अब आरडीए ने कार्रवाई (RDA took action) करते हुए उसे मुक्त करा लिया। पढ़िए पूरी ख़बर..

केपीएस की जमीन खिसकी, 15 करोड़ की 3528 वर्गफीट भूमि भी कब्जामुक्त
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रायपुर: RDA ने केपीएस स्कूल के कब्जे से 3528 वर्गफीट जमीन को स्कूल की बाउंड्रीवॉल तोड़कर मुक्त करा लिया। केपीएस(KPS) ने आरडीए की कुल 56 हजार 500 वर्गफीट जमीन पर कब्जा कर रखा था। सबसे पहले इस पर सितंबर में कार्रवाई करते हुए 50 हजार वर्गफीट से ज्यादा जमीन को मुक्त कराया गया था। इसके बाद बची जमीन मुक्त करने केपीएस को समय दिया गया था। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने खुद से जब जमीन नहीं छोड़ी तो आरडीए ने कार्रवाई (RDA took action) करते हुए उसे मुक्त करा लिया। मुक्त कराई गई जमीन की कीमत करीब 15 करोड़ (15 crores)। रुपए है।

रायपुर विकास प्राधिकरण ने कमल विहार में कृष्णा एजुकेशन सोसायटी द्वारा कब्जा की गई भूमि 3528 वर्गफीट का कब्जा वापस प्राप्त किया। इससे पहले प्राधिकरण ने दो बार में तहसीलदार से सीमांकन कराने के बाद अब तक कुल 56 हजार 500 वर्गफीट भूमि जो लगभग 1.30 एकड़ होती है। का कब्जा वापस प्राप्त किया है। यह भूमि कमल विहार के व्यावसायिक उपयोग की भूमि का हिस्सा है। केपीएस स्कूल परिसर में शामिल की गई जिस भूमि का कब्जा हासिल किया गया। उस पर स्कूल की बाउंड्रीवाॅल व पक्की सड़क का निर्माण कर उपयोग किया जा रहा था। पक्की बाउंड्रीवाॅल के ऊपर जनरेटर के बिजली के केबल बिछे हुए थे। रायपुर तहसीलदार जयेंद्र सिंह की टीम ने एक दिन पहले उक्त भूमि से अतिक्रमण हटवाकर उसका कब्जा रायपुर विकास प्राधिकरण को सौंपा। रायपुर विकास प्राधिकरण की ओर से कार्यपालन अभियंता राजेंद्र जैन। राजस्व अधिकारी संध्या नामदेव ने उक्त भूमि का कब्जा प्राप्त किया।

कब्जामुक्त कुल जमीन की वर्तमान कीमत करीब 15 करोड़

कमल विहार योजना में इस समय जमीन का रेट 2707 रुपए वर्गफीट है। इस हिसाब से 56 हजार 500 वर्गफीट जमीन की कीमत 15 करोड़ होती है। केपीएस स्कूल से जो जमीन खाली कराई गई है। उस जमीन को आरडीए अपनी एक लाख वर्गफीट जमीन के कमर्शियल कांप्लेक्स की योजना के साथ जोड़ेगा और कमर्शियल कांप्लेक्स की एक नई योजना बनेगी। आरडीए के अधिकारियों का कहना है। कमर्शियल कांप्लेक्स के पास जमीन थी। उस पर ही केपीएस ने अवैध कब्जा कर लिया था।

सीमांकन के बाद हुआ खुलासा

कमल विहार क्षेत्र में रायपुर विकास प्राधिकरण की करीब 56 हजार 500 वर्गफीट जमीन पर केपीएस स्कूल ने वर्षों से अवैध कब्जा कर रखा था। सीमांकन में इसका खुलासा होने पर आरडीए ने इस जमीन को मुक्त कराने का अभियान प्रारंभ किया। आरडीए से रिटायर हाे चुके कुछ अधिकारी आरडीए में सलाहकार के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। कुछ समय पहले एक रिटायर आरआई और एक पटवारी ने आरडीए प्रबंधन को इस बात की जानकारी दी कि आरडीए की हजारों वर्गफीट जमीन पर केपीएस स्कूल ने अवैध कब्जा कर रखा है। अगर सीमांकन कराया जाएगा तो मामला सामने आ सकता है। इसके बाद आरडीए ने जब सीमांकन कराया तो सबसे पहले केपीएस स्कूल के सामने वाले हिस्से में 49 हजार वर्गफीट जमीन पर अवैध कब्जा मिला। इसके बाद पीछे वाले हिस्से का भी सीमांकन कराने कहा गया तो वहां पर दो अलग-अलग हिस्सों में अवैध कब्जा मिला।

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