Noida Workers Protest: गुरुवार को गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नोएडा में हुए श्रमिक प्रदर्शन और हिंसा के पीछे पाकिस्तान कनेक्शन का दावा किया। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल को भड़की हिंसा सामान्य मजदूर आंदोलन नहीं थी, बल्कि कुछ अवांछनीय तत्वों ने इसे हाईजैक कर लिया।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के अनुसार, जांच में दो सोशल मीडिया हैंडल ‘Meer Ilayasi’ और ‘Ayushi Tiwari’ सामने आए, जो पाकिस्तान से संचालित थे और वीपीएन का इस्तेमाल कर फर्जी अफवाहें फैला रहे थे। इन हैंडलों ने झूठी खबरें वायरल कीं, जैसे पुलिस फायरिंग में मौतें हुईं।
कमिश्नर ने साक्ष्यों के साथ यह खुलासा करते हुए कहा कि विदेशी नरेटिव से श्रमिकों के कंधों पर सवार होकर पाकिस्तान ने ‘झूठ’ की बंदूक चलाई। वहीं इस मामले में अब तक 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 13 मामले दर्ज हुए हैं। तीन मुख्य साजिशकर्ताओं में से दो को पकड़ लिया गया है, जो 31 मार्च और 1 अप्रैल को नोएडा में थे और भड़काऊ भाषण दे रहे थे।
नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन को लेकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और यूपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि नोएडा श्रमिक प्रदर्शन में पाकिस्तान का हाथ है तो उससे लड़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने श्रमिकों से मिलने नहीं दिए जाने पर सवाल उठाया।
सपा नेता ने दावा किया कि यहां की कंपनियों में मजदूरों का लंबे समय से शोषण हो रहा था और सरकार कंपनियों के पक्ष में खड़ी है। उन्होंने मजदूरों की मांगों को उचित बताते हुए कहा कि वेतन वृद्धि और अन्य अधिकारों की लड़ाई में बाहरी साजिश को अलग रखकर असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।









