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Delhi Cyber Fraud Case: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी करने वाले 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस अन्य की तलाश कर रही है।

Delhi Cyber Fraud Case: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित इंटर स्टेट साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस इस मामले में अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार लोगों पर आरोप लगा है कि इन्होंने  दिल्ली, पंजाब और राजस्थान में फैले नेटवर्क के माध्यम से लोगों को अपना शिकार बनाते थे।  

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद खालिद ,अतिउर रहमान, रामनदीप सिंह, तनिश उर्फ हीरा राम के तौर पर हुई है। दरअसल पूरा मामला एक ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें एक व्यक्ति को 33.83 लाख रुपये का चूना लगाया गया था। शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी थी। 

आरोपी सोशल मीडिया का लेते थे सहारा

जांच में सामने आया है कि आरोपी  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे वाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से लोगों से कनेक्ट होते थे, जिसके बाद लोगों को शेयर ट्रेडिंग या ऑनलाइन निवेश में ज्यादा निवेश का लालच दिया जाता था। शुरुआत आरोपी पहले पीड़ित से कम रकम निवेश करवाते थे, और नकली मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीत लेते थे।  इसके बाद अधिक लाभ परह लगातार पैसे जमा करवाते थे, और मोटी रकम को ठग लेते थे।  

टेक्निकल जांच में खुलासा

पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी के पैसों को आरोपी सीधे अपने खाते में लेने के बजाय म्यूल अकाउंट यानी दूसरों के बैंक खाते का इस्तेमाल करते थे। इसके लिए आरोपी लोगों को कमीशन देकर उनके बैंक अकाउंट और सिम कार्ड हासिल कर लेते थे।

ठगी की रकम को 15 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया, जिनमें से 13 खाते दिल्ली के बाहर के राज्यों में थे। इसके बाद पैसे को कई स्तरों पर घुमाया जाता था, ताकि असली आरोपी तक पहुंचना मुश्किल हो जाए।  

पुलिस ने टेक्निकल जांच की मदद से पूरे मामले को सुलझा लिया। पुलिस ने 100 से ज्यादा कॉल डिटेल रिकॉर्ड, IMEI नंबर, सिम कार्ड की जानकारी और IP एड्रेस का विश्लेषण किया। इस डिजिटल जांच के माध्यम से आरोपियों के बीच आपसी संपर्क और नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया।

अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस

पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में छापेमारी करके आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने बैंक अकाउंट और सिम कार्ड गिरोह को कमीशन पर देते थे, जिसके बदले में उन्हें 5 हजार से 15 हजार तक मिलते थे। पुलिस का कहना है कि इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।  

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