हरियाणा के हिसार में स्थित गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में गुरुवार को हुआ हंगामा अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के प्रदर्शन और हिंसक झड़पों के बाद पुलिस ने जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला समेत कई कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए तरुण गोयल और रवि आहूजा जैसे 6 वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया है।
आधी रात को छापेमारी
इस पूरे मामले पर दिग्विजय चौटाला ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे सीआईए (CIA) की टीम ने जेजेपी नेता तरुण गोयल के आवास पर दस्तक दी। दिग्विजय के अनुसार छापेमारी के दौरान टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी शामिल नहीं थी, फिर भी पुलिस ने मर्यादाओं को ताक पर रखकर महिलाओं से धक्का-मुक्की और अभद्रता की।
इतना ही नहीं, पार्टी का आरोप है कि पुलिस पूर्व प्रत्याशी रवि आहूजा और विजेंद्र धानक के घरों से जबरन सीसीटीवी की डीवीआर (DVR) भी उखाड़ कर ले गई है। दिग्विजय ने साफ किया कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई को बंद नहीं करेंगे और गिरफ्तारी देने के लिए दिल्ली से हिसार पहुंच रहे हैं।
दुष्यंत चौटाला ने कहा रात को घर में क्यों घुसी पुलिस
पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने हिसार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश की नायब सैनी सरकार पर तीखा प्रहार किया। दुष्यंत ने कहा कि सीआईए पुलिस ने नेताओं के घरों में घुसकर बदतमीजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला अध्यक्ष के घर में पुलिस ने उनकी निजी अलमारियों तक की तलाशी ली, जो कि बेहद निंदनीय है।
दुष्यंत चौटाला ने सवाल उठाया कि क्या अब हरियाणा पुलिस महज एक-दो गमले टूटने पर रात के 12 बजे घरों में घुसकर गिरफ्तारियां करेगी? उन्होंने इसे बौखलाहट बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी पुलिस के खिलाफ सबूत जुटा रही है और दोषी अधिकारियों पर केस दर्ज कराएगी। दुष्यंत ने दावा किया कि वीसी ऑफिस का कोई गेट नहीं टूटा, केवल कुछ गमले टूटे थे जिसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
सरकार के इशारे पर की गई है कार्रवाई
जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई सरकार के इशारे पर की गई है। सरकार उनके संगठन की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है। सरकार ने दिग्विजय चौटाला सहित 7 नामजद व 250 अन्य लोगों पर केस दर्ज किया है। इनमें जेजेपी के एससी सेल के अध्यक्ष बिजेंद्र धानक, हिसार शहरी अध्यक्ष तरुण गोयल, प्रवक्ता रवि आहूजा, युवा शहरी अध्यक्ष गौरव सैनी, हिसार महिला जिला अध्यक्ष के पति जितेंद्र चौहान और इनसो नेता दीपक घनघस शामिल हैं, जिन्हें रात 2 बजे पुलिस ने उनके परिवार के साथ बदसलूकी (हैंडलिंग) करते हुए गिरफ्तार कर लिया। इतना ही नहीं, पुलिस घर में लगी डीवीआर तक उतार कर ले आई।
युवा सम्मेलन पर टकराव
दरअसल, यह पूरा विवाद विश्वविद्यालय में एक 'युवा सम्मेलन' आयोजित करने की अनुमति न मिलने से शुरू हुआ। जेजेपी की युवा विंग परिसर के भीतर यह कार्यक्रम करना चाहती थी, लेकिन कुलपति नरसीराम बिश्नोई ने इसकी इजाजत नहीं दी।
इसके बाद दिग्विजय चौटाला ने समीप स्थित यादव धर्मशाला में छात्रों को संबोधित किया, जहां उन्होंने कुलपति के फैसले को 'तानाशाही' करार दिया। संबोधन के बाद उत्तेजित छात्र और कार्यकर्ता वीसी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा घेरा तोड़ने, गमले फेंकने और पुलिस के साथ हाथापाई की घटनाएं हुईं। हंगामे को बढ़ता देख कुलपति पिछले दरवाजे से निकलने को मजबूर हो गए, जिसे उन्होंने सुरक्षा में एक बड़ी चूक करार दिया।
दिग्विजय का नाम FIR में सबसे ऊपर, 27 अप्रैल को फिर होगा प्रदर्शन
पुलिस ने इस मामले में 'आपराधिक अतिचार' (Criminal Trespass), दंगा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। एफआईआर में दिग्विजय चौटाला का नाम सबसे ऊपर है।
दुष्यंत चौटाला ने एलान किया कि दिग्विजय खुद सिटी थाने जाकर गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने कहा कि हम जेल जाने से नहीं डरते। अगर सरकार ने अपनी मशीनरी का दुरुपयोग बंद नहीं किया, तो हमारा एक-एक कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेगा।" फिलहाल जेजेपी ने 27 अप्रैल को विश्वविद्यालय में दोबारा बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है।
कुलपति बोले- यह प्रदर्शन नहीं, गुंडागर्दी थी
दूसरी ओर, जीजेयू के कुलपति नरसीराम बिश्नोई ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि प्रशासन ने पहले ही बता दिया था कि हॉल बुक होने के कारण अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर कुछ लोग केवल गुंडागर्दी करने आए थे और उनके पास कोई ठोस मांग पत्र भी नहीं था। पुलिस अधीक्षक ने भी साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
हिसार का गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय फिलहाल पुलिस छावनी में तब्दील है। दिग्विजय चौटाला की संभावित गिरफ्तारी और जेजेपी नेताओं की धरपकड़ ने प्रदेश की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। अब सभी की नजरें 27 अप्रैल को होने वाले अगले प्रदर्शन और पुलिस की आगामी कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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