भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संसद में महिला सशक्तिकरण से जुड़े विधेयक के पारित न होने को लेकर कांग्रेस पार्टी पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को न केवल दुर्भाग्यपूर्ण बताया, बल्कि इसे महिलाओं के अधिकारों के प्रति असंवेदनशीलता का उदाहरण भी करार दिया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए।
यह महिला विरोधी मानसिकता
डॉ. मोहन यादव ने अपने संदेश में कहा कि कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता एक बार फिर सामने आ गई है। उनके अनुसार, जिस विधेयक का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना था, उसे पारित न होने देना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने इसे देश की आधी आबादी के अधिकारों के साथ अन्याय बताया और कहा कि यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि समाज के मूल्यों से जुड़ा हुआ विषय है।
कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता आज एक बार फिर उजागर हुई है। संसद में महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक को पास न होने देना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 17, 2026
यह देश की माताओं-बहनों के अधिकारों और सम्मान के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है। जनता सब देख रही है और इसका…
इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाएं
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषय को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा देश की माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर निर्णय लेना चाहिए था। उनके मुताबिक, कांग्रेस ने इस अवसर को गंवाकर यह दिखा दिया कि वह महिलाओं के मुद्दों को लेकर कितनी गंभीर है।
जनता सब कुछ देख रही
उन्होंने आगे कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और समझ भी रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि समय आने पर जनता इस तरह के फैसलों का जवाब जरूर देगी। डॉ. यादव ने यह भी संकेत दिया कि महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ऐसे में किसी भी विधेयक को रोकना विकास की गति को बाधित करने जैसा है।










