Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

सावधान, बूढ़ातालाब मार्ग से गुजरना मना है, ट्रैफिक का बेड़ागर्क, वाहन चालक फंसे, घंटों जाम....

एक साथ चार अलग-अलग संगठनों के हल्लाबोल के चलते शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से खासी परेशानी उठानी पड़ी। भुक्तभोगी कभी प्रदर्शनकारियों को, कभी प्रशासन की नाकामी को कोसते जैसे-तैसे अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचे। धरनास्स्थल के आसपास दो हफ्तों से ऐसे ही हालात बने हुए हैं। कई संगठनों के प्रदर्शन की वजह से पूरा इलाका जाम से परेशान है। पढ़िए हरिभूमि पड़ताल.. .

सावधान, बूढ़ातालाब मार्ग से गुजरना मना है, ट्रैफिक का बेड़ागर्क, वाहन चालक फंसे, घंटों जाम....
X

बूढ़ापारा से सप्रे शाला तक दिनभर गहमागहमी, एक साथ चार अलग-अलग संगठनों के हल्लाबोल के चलते पुलिस-प्रशासन के पसीने छूट गए।

रायपुर: प्रदेशभर की मितानिनों ने सम्मानजनक मेहनताने की मांग को लेकर राजधानी में सोमवार को हुंकार भरी। हनुमान मंदिर बूढ़ापारा से लेकर सप्रे शाला के मुख्य द्वार तक प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने पुलिस-प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की, पर एक साथ चार अलग-अलग संगठनों के हल्लाबोल के चलते पुलिस-प्रशासन के पसीने छूट गए। भारी अव्यवस्था के चलते शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से खासी परेशानी उठानी पड़ी। भुक्तभोगी कभी प्रदर्शनकारियों को कभी प्रशासन की नाकामी को कोसते जैसे-तैसे अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचे। धरनास्स्थल के आसपास दो हफ्तों से ऐसे ही हालात बने हुए हैं। कई संगठनों के प्रदर्शन की वजह से पूरा इलाका जाम से परेशान है।

महीने में 25 दिन काम, सरकारी छुट्टी तक नहीं

बलौदाबाजार जिले से रैली में शामिल होने पहुंची ब्लाॅक को-ऑर्डिनेटर उषाबाई, फरीदनगर कोहका सुपेला की एमटी नमिता वर्मा ने हरिभूमि को बताया, ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कार्यरत मितानिन कार्यकर्ता, एरिया को-ऑर्डिनेटर, ब्लाॅक को-ऑर्डिनेटर से महीने में 25 दिन काम लिया जाता है, पर उन्हें एक दिन भी सरकारी छुट्टी नहीं मिलती। यही नहीं, काेरोनाकाल में ड्यूटी करने के बाद इन्हें आज तक फूटी-कौड़ी शासन से नहीं दी गई। जबकि प्रदेश सरकार ने ऐलान किया था कि कोरोनाकाल में काम करने वाली मितानिन कार्यकर्ता एरिया को-ऑडिटेनटर, ब्लाॅक को-ऑर्डिनेटर को ड्यूटी करने पर 1 हजार रुपए दिए जाएंगे।

वादाखिलाफी को लेकर फूटा गुस्सा

गांव छेरकाडीह, पलारी ब्लाॅक के ससहा संकुल की मितानिन सावित्री साहू, दयानगर दलदल सिवनी की मितानिन कार्यकर्ता पुष्पा जलछत्री, एकता चौक की मितानिन कार्यकर्ता गोमती साहू का कहना है, प्रदेश के मुखिया ने अपने चुनावी घोषणापत्र में छत्तीसगढ़ की 80 हजार मितानिनों से वादा किया था, प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर मितानिनों को 5 हजार रुपए मेहनताना हर माह देंगे। 3 साल से राज्य में कांग्रेस की सरकार है, पर मितानिनों से किया गया वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। इससे मितानिनों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। इसलिए राजधानी में महारैली निकालकर शासन का ध्यान आकर्षित कराने आए हैं।

जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, दुर्ग, रायपुर, धमतरी, राजनांदगांव , महासमुंद सहित अन्य जिलों के ग्रामीण अंचल से धरना-प्रदर्शन के लिए पहुंची मितानिनों को धरनास्थल पर एक से अधिक संगठनों के प्रदर्शन के चलते बैठने की जगह नसीब नहीं हुई। मंच से निकलकर दोपहर बाद अपने-अपने साथियों के साथ टोली में महिलाएं भोजन करने जगह तलाशने निकलीं। इनमें बलौदाबाजार, महासमुंद, रायपुर जिले की मितानिनें स्मार्ट सिटी दफ्तर के सामने बने लाॅन में टिफिन से रोटी, सब्जी, चावल-दाल एक-दूसरे से साझा करते हुए भोजन करती नजर आईं। वहीं धमतरी, राजनांदगांव जिले की मितानिनों ने सोलर लाइट के कबाड़ के पास खाली जगह पर जमीन में कपड़ा बिछाकर खाना खाया।

Next Story