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अपनी स्वयं की निधि से विकास और समाज सेवा करेंगे सांसद-विधायक

सांसद और विधायकों द्वारा उनकी शासकीय निधि से विकास कार्य कराना तो आम बात है, लेकिन अब सांसद, विधायकों को अपने स्वयं के खर्चे से भी विकास कार्य करने होंगे। इस संबंध में भाजपा संगठन ने गाइडलाइन तैयार कर ली है। इसको लेकर जल्द ही प्रदेश संगठन द्वारा निर्देश जारी किए जाएंगे।

अपनी स्वयं की निधि से विकास और समाज सेवा करेंगे सांसद-विधायक
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भोपाल। सांसद और विधायकों द्वारा उनकी शासकीय निधि से विकास कार्य कराना तो आम बात है, लेकिन अब सांसद, विधायकों को अपने स्वयं के खर्चे से भी विकास कार्य करने होंगे। इस संबंध में भाजपा संगठन ने गाइडलाइन तैयार कर ली है। इसको लेकर जल्द ही प्रदेश संगठन द्वारा निर्देश जारी किए जाएंगे।

भाजपा संगठन ने अपने सभी सांसदों और विधायकों के लिए एक गाइडलाइन तैयार की है। नवाचार के तहत इस गाइडलाइन के तहत पार्टी के सभी सांसदों विधायकों को अपने व्यक्तिगत राशि से सेवा कार्य या विकास कार्य करने होंगे। इसके बाद इन विकास कार्यों की पूरी रिपोर्ट पार्टी को भेजनी होगी।

यह कार्य करवाएंगे जनप्रतिनिधि

पार्टी के सांसद जो कार्य हाथ में लेंगे उनमें किसी भी प्रकार के विकास कार्य, बड़े पैमाने पर पौधरोपण और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी, सीसी रोड निर्माण, हैंडपंप-बोरिंग के द्वारा पेयजल व्यवस्था करना, मंदिरों- स्कूलों की बाउंड्री या विकास कार्य, गरीब मरीजों के लिए स्वास्थ्य शिविर व इलाज की व्यवस्था, दिव्यांगों के लिए ट्रायसिकल, गांवों में गरीबों को राशन वितरण आदि कार्य अपनी अपनी क्षमता के अनुसार करने होंगे। इसके लिए पार्टी द्वारा 7 अक्टूबर के बाद प्रदेश कार्यालय में एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सांसद, विधायकों को आमंत्रित कर जानकारी दी जाएगी। संकल्प भी दिलाया जाएगा।

अगले चरण में निकाय व पंचायत प्रतिनिधि भी होंगे शामिल

पहले चरण में पार्टी ने सांसद-विधायक के लिए गाइडलाइन तैयार की है। जब निकाय व पंचायतों के चुनाव हो जाएंगे, तब भाजपा के या भाजपा समर्पित निकाय- पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के लिए भी यह गाइडलाइन लागू की जाएगी।

पार्टी ने नवाचार के तहत यह पहल की है। सरकारी निधि से तो जनप्रतिनिधि विकास व सेवा कार्य करते ही रहते हैं, लेकिन उन्हें अपनी सामाजिक भागीदारी भी निभानी चाहिए। इसको ध्यान में रखकर ही यह नवाचार शुरू किया जा रहा है। इससे जनता के बीच जनप्रतिनिधियों का भावनात्मक जुड़ाव भी होगा।

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