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हिमाचल न्यूज: कोरोना काल में संकटमोचन बनी मनरेगा,एक लाख से अधिक लोगों को गांव में मिला रोजगार

कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार प्रदान में मंडी जिला ने शानदार मिसाल पेश की है। जिला में मनरेगा योजना में तय लक्ष्यों से अधिक हासिल कर उल्लेखनीय काम किया गया है।

हिमाचल न्यूज: कोरोना काल में संकटमोचन बनी मनरेगा,एक लाख से अधिक लोगों को गांव में मिला रोजगार
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प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार प्रदान में मंडी जिला ने शानदार मिसाल पेश की है। जिला में मनरेगा योजना में तय लक्ष्यों से अधिक हासिल कर उल्लेखनीय काम किया गया है। खासकर कोरोना के संकट में गरीबों-मजदूरों के लिए मनरेगा योजना बड़ी मददगार रही है। कोरोना काल में भी मनरेगा में मंडी जिला ने 176 फीसदी काम कर बहुत बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। इस दौरान एक लाख 16 हजार 254 लोगों को मनरेगा से गांव में ही रोजी-रोटी मिली है। साढ़े 64 करोड़ रुपए खर्च कर 23 लाख मानव कार्य दिवसों का सृजन किया जा चुका है।

जिला में मनरेगा में कमा करने वालों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 70 फीसदी रही है, जिसका नतीजा है कि मनरेगा से घरद्वार पर काम पाकर लाभार्थी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार जता रहे हैं। ऐसे हजारों लाभार्थियों की तरह ही मंडी सदर की पधियूं पंचायत की पिंकी देवी, लता देवी और अन्य महिलाओं ने कोरोना काल में मनरेगा के काम को तरजीह देकर उनकी मदद करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।

वहीं कोरोना संकट के कारण काम धंधा चौपट होने से परेशान वनीयूर गांव के युवा विनोद कुमार के लिए भी मनरेगा बड़ी मददगार साबित हुई है। वह आजकल सौली पुल से पधियूं तक पक्के रास्ते के काम में लगे हैं। जिलाधीश ऋ ग्वेद ठाकुर का कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्देशानुसार जिला में मनरेगा कार्यों में तेजी लाई गई है, ताकि ग्रामीण आर्थिकी को बल मिले। विभिन्न विकास कार्यों के जरिए लोगों को उनके घरद्वार पर ही रोजगार के अवसर मुहैया करवाए जा रहे हैं। कोरोनाकाल में भी जिला में मनरेगा में लक्ष्य के मुकाबले 176 फीसदी काम किया गया है।

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