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सहायक शिक्षकों के हल्ले से हिली राजधानी, पुलिस से झूमाझटकी, बेसुध होकर भी गिरे

गोसेवक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, दिवंगत पंचायत शिक्षक अनुकंपा संघ ने भरी हुंकार, हर तरफ जाम ही जाम बूढ़ापारा की सड़क पर जनसैलाब, बेरिकेड्स लगाकर आने-जाने वालों को रोका, सुबह से लेकर देर शाम तक गहमागहमी, चांदनी चौक से बूढ़ातालाब गार्डन तक पार्किंग। पढ़िए पूरी ख़बर...

सहायक शिक्षकों के हल्ले से हिली राजधानी, पुलिस से झूमाझटकी, बेसुध होकर भी गिरे
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रायपुर: प्रदेशभर के सहायक शिक्षकों का हुजूम राजधानी के बूढ़ापारा धरनास्थल में सैलाब बनकर उमड़ा। वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर घंटों प्रदर्शन, नारेबाजी के बीच विधानसभा घेराव करने जा रहे सहायक शिक्षकों को पुलिस ने सप्रे शाला के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के जवानों के बीच इस दौरान झूमाझटकी भी हुई। धक्कामुक्की के दौरान पुलिस जवानों ने भीड़ नियंत्रित करने हवा में लाठियां लहराई। इससे प्रदर्शनकारियों में खासी नाराजगी शासन-प्रशासन के रवैये को लेकर देखने मिली। वहीं धरनास्थल पर एक सूत्रीय मांग को लेकर बेमियादी धरना दे रहे दिवंगत पंचायत शिक्षक अनुकंपा संघ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ ने 6 सूत्रीय मांगाें को लेकर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। प्रशिक्षित गाेसेवकों ने पशुपालन विभाग में संविलियन की मांग करते हुए नारे लगाए।

बोरिया-बिस्तर लेकर डाला डेरा

वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर बस्तर, सरगुजा, महासमुंद, रायगढ़, जशपुर से सहायक शिक्षक बोरिया-बिस्तर लेकर राजधानी रायपुर में डेरा डाले हुए हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों के धर्मशाला, हॉटल, लॉज के अलावा अपने परिचितों के यहां सहायक शिक्षक रुके हुए हैं। मंगलवार सुबह वे फिर धरनास्थल पहुंचकर प्रदर्शन में भाग लेंगे। धरना-प्रदर्शन में बस्तर संभाग के जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम झाड़ी, बस्तर जिला अध्यक्ष शंकर साहू, रायपुर जिला अध्यक्ष हेमकुमार साहू, सरगुजा जिला अध्यक्ष विश्वनाथ, जशपुर से टिकेश्वर भोई, प्रांतीय पदाधिकारी सिराज बक्श, शिव मिश्रा, कौशल अवस्थी, सुखनंदन यादव, सीडी भट्ट, राजू टंडन, बिलासपुर जिलाअध्यक्ष भोलाराम साहू, महासमुंद जिला अध्यक्ष ईश्वर चंद्राकर शामिल हुए।

ठेले-खोमचे, फल, सब्जी, फेरीवालों की चांदी

धरनास्थल के आसपास प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को देखते हुए खाने-पीने के सामान बेचने ठेले वाले, खाेमचे वाले, फल, सब्जी, फेरीवाले सड़क पर ग्राहकी की आस में घंटों डटे रहे। इस दौरान अन्य दिनों की तुलना में उनकी बिक्री अच्छी हुई। शाम के समय घर लाैटती महिला कर्मचारियों ने फल, सब्जी के अलावा दैनिक उपयोग के सामान खरीदा और साथ ले गईं।

फिर भी डटे रहे सहायक शिक्षक

प्रदेश के कोने-कोने से हजारों सहायक शिक्षकों ने हुंकार भरी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होगी, राजधानी से नहीं हटेंगे। बूढ़ापारा धरनास्थल पर खचाखच भीड़ के बीच प्रदर्शनकारी सहायक शिक्षक विधानसभा घेराव के लिए दोपहर बाद निकले। उन्हें विधानसभा जाने से रोकने जगह-जगह पुलिस के जवानों की ड्यूटी लगाई गई। सहायक शिक्षकों को पुलिस-प्रशासन ने सप्रे शाला के सामने बीच रास्ते में रोेक दिया। इससे बिफरे सहायक शिक्षकों ने सड़क पर नारेबाजी की। गहमागहमी के बीच सहायक शिक्षकों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आवाज बुलंद की। भीड़ को रोकने के प्रयास में पुलिस जवानों को हवा में लाठियां लहराने की नौबत आई। कुछ बेसुध भी हो गए थे। धक्का-मुक्की के बाद भी सहायक शिक्षकों का जोश कम नहीं हुआ।

जाम से जनता परेशान

बूढ़ेश्वर मंदिर से श्याम टाकीज होते हुए सप्रे शाला जाने वाले मार्ग को धरना प्रदर्शन की वजह से पूरी तरह बंद कर दिया। इसकी वजह से आसपास के रहवासियों को बेहद तकलीफ हुई। कामकाजी महिलाओं, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों के अलावा दोपहिया चालक, आटो रिक्शा वालों काे बूढ़ेश्वर गार्डन से चांदनी चौक होते हुए घूमकर गंतव्य तक जाना पड़ा। इस दौरान कुछ लोग पुलिस जवानों के सामने अपनी परेशानी बताकर रास्ता खोलने की मिन्नतें करते दिखे। धरना प्रदर्शन की वजह से सदर बाजार, कोतवाली, सत्तीबाजार इलाके की गलियों में भी ट्रैफिक जाम से लोग दिनभर जूझते रहे। संतोषीनगर

चौक को भी भगवान भरोसे छोड़ दिया गया था।

गार्डन से चांदनी चौक तक पार्किंग

सोमवार को प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन में शामिल होने प्रदेश के विभिन्न जिलों से चारपहिया वाहनों में सवार होकर सहायक शिक्षकों का सुबह से आगमन शुरू हाे गया। दोपहर तक बूढ़ागार्डन से लेकर परिक्रमा पथ, ब्रह्मपुरी, चांदनी चौक और मारवाड़ी श्मशानघाट वाले किनारे की सड़क पर चारपहिया वाहनों की लाइन लग गई। गाड़ियों को सड़क किनारे पार्क कर बाहर से आने वाले लोग पैदल ही धरना स्थल निकल पड़े।

रात में भी सड़क पर बैठकर विरोध-प्रदर्शन

बस्तर, सरगुजा, रायगढ़, दुर्ग, भिलाई, जशपुर से आए सहायक शिक्षक सप्रे शाला के सामने बीच सड़क पर रात में भी बैठे हुए हैं। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष मनीष मिश्रा, प्रदेश महामंत्री छाेटेलाल साहू का कहना है, जब तक प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी सहायक शिक्षकों से मिलने नहीं आते, तब तक धरनास्थल और सप्रे शाला के सामने से नहीं हटेंगे।

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