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पंजाब में कृषि विधेयकों के फायदे गिनाने और किसानों की चिंता दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्री करेंगे डिजिटल रैलियां

केंद्रीय कृषि कानूनों के विरुद्ध व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन के बीच किसानों की चिंताओं का समाधान करने के लिए आठ केंद्रीय मंत्री, पंजाब में मंगलवार से आठ दिन तक रैलियों को संबोधित करेंगे।

पंजाब में कृषि विधेयकों के फायदे गिनाने और किसानों की चिंता दूर करने के लिए केंद्री मंत्री करेंगे डिजिटल रैलियां
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केंद्रीय मंत्री करेंगे डिजिटल रैलियां

चंडीगढ़। पंजाब में कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है। किसान इन विधेयकों को अपनाने के लिए तैयार ही नहीं हो रहे हैं। वहीं इस मामले ने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इसीलिए केंद्र सरकार ने एक नए अभियान की शुरुआत की है जिसके तहत केंद्रीय कृषि कानूनों के विरुद्ध व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन के बीच किसानों की चिंताओं का समाधान करने के लिए आठ केंद्रीय मंत्री, पंजाब में आज से आठ दिन तक रैलियों को संबोधित करेंगे। डिजिटल माध्यम से आयोजित इन रैलियों को संबोधित करने वाले मंत्रियों में नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी, जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत और कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी शामिल हैं। इनके अलावा कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी, वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर, पशुपालन राज्यमंत्री संजीव बालियान, वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सोम प्रकाश और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह भी डिजिटल सभाओं को संबोधित करेंगे। पंजाब भाजपा के संगठन सचिव सुभाष शर्मा की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिए आठ केंद्रीय मंत्री डिजिटल माध्यम से रैलियां करेंगे।

उधर, केंद्र की बैठक में हिस्सा नहीं लेगी किसान मजदूर संघर्ष समिति

पंजाब में किसानों का कृषि विधेयकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन दिन-बदिन बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की तमाम जुगत के बावजूद किसाने इन विधेयकों का विरोध कर रहे हैं। वहीं इन विधेयकों के बढ़ते विरोधों के बीच किसानों की संस्था किसान मजदूर संघर्ष समिति ने निर्णय किया कि नये कृषि कानूनों पर विचार-विमर्श के लिए 14 अक्टूबर को होने वाली केंद्र की बैठक में वह हिस्सा नहीं लेगी। समिति के महासचिव श्रवण सिंह पंधेर ने कहा कि उन्होंने बैठक का निमंत्रण स्वीकार नहीं करने का निर्णय किया है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उसमें शामिल नहीं होंगे।

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