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मप्र में कल से 50 फीसदी बच्चे ही बुलाए जाएंगे स्कूल, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर मप्र सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को अपने निवास पर वरिष्ठ अफसरों की एक आपात बैठक बुलाई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि एक महीने में जितने लोग अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से मप्र आए हैं, उन सभी का कांटेक्ट ट्रेसिंग कराई जाए। उन्हें आइसोलेशन में रखे। स्कूल अब से 50 फीसदी क्षमता से ही खुलेंगे। रोस्टर इस तरह बने की 50 फीसदी बच्चे सप्ताह के तीन दिन व बाकी के तीन दिन में पढ़ाई करें। पालकों की अनुमति के बगैर बच्चे स्कूल नहीं बुलाए जाएंगे। 

मप्र में कल से 50 फीसदी बच्चे ही बुलाए जाएंगे स्कूल, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
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प्रतिकात्मक फोटो

भोपाल। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीनोम सिक्वेंसिंग की संख्या बढ़ाई जाए। दूसरे देशों से मप्र आने वाले लोगों के लिए सर्विलांस नियमों का पालन किया जाए। यदि कोई पाया जाता है तो उन्हें निगरानी में रखा जाए। उन्होंने जरूरी दवाइयों के अलावा रेमडेसिविर या अन्य कोई इंजेक्शन हो, उसकी उपलब्धता अभी से सुनिश्िचत करें। इसके साथ ही ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करें। जहां प्लांटे लगे हुए हैं, वहां चेक कर लें, उसे चलाकर देख लें, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उत्पादन शुरू किया जा सके। प्रति दिन टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए। भारत सरकार व विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के निर्देशों का शत प्रतिशत पालन कराया जाए। 

सोमवार से स्कूलों में 50 फीसदी ही उपस्थिति होगी-

मुख्यमंत्री चौहान ने आज साफ दिया कि साेमवार से ही स्कूलों में बच्च्ााें की संख्या 50 फीसदी की जाती है। रोस्टर के अनुसार सप्ताह में 3-3 दिन 50-50 फीसदी बच्च्ाों को बुलाया जाए। ऑनलाइन कक्षाएं तत्काल प्रभाव शुरू कराई जाए। पालकों को सहूलियतें हो सके। उन्होंने कहा कि पालकों की इच्छा होगी, तभी बच्चों को स्कूल बुलाया जाए। पालक की अनुमति जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे ज्यादा सावधानी 18 वर्ष से कम उम्र के बच्च्ाों को बरतनी है, चूंकि इन बच्च्ाों का टीकाकरण नहीं हो पाया है।

दूसरे डोज के लिए सीएम ने फिर की अपील-

मुख्यमंत्री ने वैक्सीन का दूसरा डोज नहीं लगवा पाए लोगों से फिर अपील की कि वे अतिशीघ्र वैक्सीन लगवा लें। मप्र में अभी 62 फीसदी लोगों ने ही दोनों डोज लगवाया है। उन्होंने कहा कि शत प्रतिशत कोरोना का वैक्सीन लगवाना है। इसके लिए लगातार अभियान चल रहा है। उन्होंने सभी से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बगैर सभी के सहयोग के कोई भी अभियान नहीं चल सकता। वे एक दिसंबर को सुबह 10 बजे क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक बुला रहे हैं। इसमें जिला, ब्लाक व पंचायत स्तर के सदस्य रहेंगे। अभी से तैयारी कर लें कि यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है तो उससे कैसे निबटना है। सभी के सहयोग से इस बीमारी का पछाड़ना है। उन्होंने कहा कि जरा सा भी लक्षण दिखे तो तत्ल टेस्ट कराएं। इंदौर व भोपाल में संक्रमण फैलने नहीं पाए, इस पर नजर रखें।

29 को कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस होगी-

चौहान ने कहा कि वे 29 नवंबर को वर्चुअल कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस बुला रहे हैं। यह हालांकि उनकी पहले से ही योजना थी। इसमें अन्य मुद्दों के साथ ही कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर भी निर्देश दिए जाएंगे। इस कांफ्रेंस में आईजी, डीआईजी के साथ ही संभागायुक्त व अन्य सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे इसकी तैयारी अभी से कर लें, ताकि किसी भी तरह की समस्या नहीं आए। 

अफ्रीकी चीते का अध्ययन करने वाला दल बीच रास्ते से ही वापस हुआ-

वन विभाग की एक 5 सदस्यीय टीम अफ्रीकी चीतों को मप्र लाने के लिए उसका अध्ययन करने अफ्रीका रवाना हुआ था। किंतु नई दिल्ल्ाी पहुंचने के बाद दल को पता चला कि कोरोना के नए वैरियंट को देखते हुए वहां पहुंचने वाले लोगों को कोरेंटाइन किया जा रहा है। इसकी सूचना के बाद दल के सदस्य नई दिल्ल्ाी से ही यात्रा स्थगित कर वापस आ गए। इस दल में प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल के साथ पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ आलोक कुमार के अलावा अन्य अधिकारी थे। वे दिल्ल्ाी पहुंच चुके थे। इसी बीच सूचना मिली। उधर, यह दल अब कोरोना की स्थिति सुधरने के बाद वर्ष 2022 में यात्रा कर सकती है। इसके बाद ही मप्र को अफ्रीकी चीतें मिल पाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने की अपील, मास्क व दो गज की दूरी अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कि मॉस्क व सुरक्षा के लिए दो गज की दूरी सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए मॉस्क व दो गज की दूरी सबसे ज्यादा अनिवार्य है। यही तीसरी लहर से बचा सकता है। जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकले। नया वैरिएंट तेजी से फैल रहा है, ऐसे में सावधानी सबसे ज्यादा जरूरी है।

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