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HAU : एबिक सेंटर के स्टार्टअप के लिए दो करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत

विश्वविद्यालय के कुलपति एवं एबिक सेंटर के अध्यक्ष प्रोफेसर समर सिंह (Professor Samar Singh) ने बताया कि यह सेंटर विश्वविद्यालय (University) मेें नाबार्ड व राष्ट्रीय कृषि विकास योजना-रफ्तार की सहायता से गत वर्ष स्थापित किया गया है। एबिक का मुख्य उद्देश्य कृषि व संबंधित क्षेत्र में नए-नए स्टार्टअप को बढ़ावा देना है।

HAU : एबिक सेंटर के स्टार्टअप के लिए दो करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत
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विश्वविद्यालय में स्थित एबिक सेंटर की फाइल फोटो।

हिसार : चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (CCS Haryana Agricultural University) स्थित एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर (एबिक) के एग्री स्टार्टअप्स के लिए भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से दो करोड़ 13लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

यह जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति एवं एबिक सेंटर के अध्यक्ष प्रोफेसर समर सिंह ने बताया कि यह सेंटर विश्वविद्यालय मेें नाबार्ड व राष्ट्रीय कृषि विकास योजना-रफ्तार की सहायता से गत वर्ष स्थापित किया गया है। एबिक का मुख्य उद्देश्य कृषि व संबंधित क्षेत्र में नए-नए स्टार्टअप को बढ़ावा देना है। यह इनक्यूबेशन सेंटर अब तक 90 से अधिक कृषि स्टार्टअप्स की पहचान कर उन्हें अपना व्यवसाय बढ़ाने में सहायता कर रहा है।

उन्होंने बताया कि एबिक सेंटर के 16 स्टार्टअप्स के लिए दो करोड़ 13 लाख की राशि स्वीकृत की गई है जो जल्द ही इन्हें नियम व शर्तों अनुसार स्टार्टअप्स को आवंटित की जाएगी। प्रोफेसर समर सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 में आर.के.वी.वाई.-रफ्तार स्कीम के तहत 49 स्टार्टअप्स ने 2 महीने का नि:शुल्क प्रशिक्षण लिया था, उनमें से 30 स्टार्टअप्स की प्रस्तुति कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की गठित कमेटी के समक्ष हुई थी, जिनमें से 16 स्टार्टअप्स को अनुदान राशि प्रदान करने के लिए चुन लिया गया है। यह विश्वविद्यालय व एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर के लिए बहुत ही गर्व की बात है।

इनको मिलेगी अनुदान राशि

एबिक की नोडल अधिकारी डॉ. सीमा रानी ने बताया कि एबिक सेंटर के तहत 16 स्टार्टअप्स को पूरे भारतवर्ष से 70 से अधिक मेंटर्स द्वारा 2 महीने का प्रशिक्षण दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप वे अपने व्यवसाय को धरातल पर लाकर एक ब्रांड के रूप स्थापित कर पाए। उन्होंने बताया जिनको अनुदान राशि मिलनी है उनमें नितिन ललित की अल्फा एडवांटेक एलएलपी को 24 लाख, शशांक गुप्ता की ओरन्या सोलूसंस प्राइवेट लिमिटेड को 18 लाख, अंकित अहलावत की कंपनी हर्बचिक एफ एंड बी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को 15 लाख, रविन शर्मा की प्लांट ब्रो लाइफ साइंस को 18 लाख, नीरज रॉय की कंपनी एबिगबॉस ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड को 24 लाख, गुरूवंत सिंह बीजी इनोवेटक प्राइवेट लिमिटेड को 22 लाख, राजेंद्र सिंह पूनिया की पूनिया एंड पूनिया की एग्रो इंडस्ट्रीज को 25 लाख, सुनील कुमार की अरेबल एग्री साइंस प्राइवेट लिमिटेड को 12 लाख, मृदुला भारद्वाज की प्लुटस प्लस हैंडीक्राफ्ट प्राइवेट लिमिटेड को 15 लाख, भूप सिंह की बॉयोलिफ मैन्युफेक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड को 10 लाख, योगेश जोशी की पोजीडियन ग्रीन को पांच लाख, अर्जुन मोहिल की सहदार एलएलपी को 5 लाख, मोहित दांगी की डाइम एग्रो एलएलपी को 5 लाख, अंशुल ललित की एल्फा प्लांटर्स एंड नर्सरिज को 5 लाख, नवीन कुमार की किसान फैमिली डॉक्टर को 5 लाख और गुरविंद्र सिंह की यूनिक्युलिफ एग्री बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड को 5 लाख रूपये की अनुदान राशि प्रदान की जाएगी। इस अनुदान राशि से स्टार्टअप्स अपने व्यवसाय को तेजी के आगे बढ़ाने के साथ साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगे।

इस वर्ष भी मांगे जाएंगे आवेदन

एबिक सेंटर के बिजनेस मैनेजर विक्रम सिंधु ने बताया कि हरियाणा व समीपवर्ती राज्यों के प्रोग्रेसिव किसानों, विद्यार्थियों, उद्यमियों व कृषि के क्षेत्र में नवाचार पर काम करने वाली कंपनियों व अपना नया व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं के लिए आर.के.वी.वाई. रफ्तार स्कीम के तहत पहल-2021 व सफल-2021 नामक कार्यक्रमों के माध्यम से जल्द ही आवेदन मांगे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन की तिथि जल्द ही निर्धारित की जाएगी। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई जाएगी।

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