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बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 10 लाख तक अनुदान

कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा किसानों की बागवानी क्षेत्र में आय दोगुनी करने के लिए बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जिसमें एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को विभिन्न प्रकार की अनुदान सुविधाएं प्राप्त करवाना है जैसे संरक्षित खेती, हाईब्रीड सब्जियों की खेती, फूलों एवं फलों की खेती, कोल्ड स्टोरेज, मधुमक्खी पालन आदि शामिल हैं।

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हरिभूमि न्यूज: रोहतक

जिले में बागवानी को बढ़ावा देने व किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा कई योजनाएं व सार्थक कदम उठाए जा रहे हैं। खेती के साथ-साथ बागवानी अपनाने के लिए बागवानी विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को बेहतर अनुदान दिया जाता है और समय-समय पर जागरुकता कार्यक्रमों के माध्यम से गांव स्तर पर बागवानी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। ये बात उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कही। उन्होंने बताया कि किसानों का बागवानी की ओर रुझान बढ़ रहा है और किसान इन योजनाओं का लाभ उठाकर बागवानी से बेहतर मुनाफा भी कमा रहे हैं। सरकार द्वारा किसानों को आधुनिक खेती व बागवानी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना चलाई जा रही है। जिसके तहत किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों का पंजीकरण किया जा रहा है।साथ ही सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत भी किसानों को अनुदान दिया जाता है।

कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा किसानों की बागवानी क्षेत्र में आय दोगुनी करने के लिए बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जिसमें एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को विभिन्न प्रकार की अनुदान सुविधाएं प्राप्त करवाना है जैसे संरक्षित खेती, हाईब्रीड सब्जियों की खेती, फूलों एवं फलों की खेती, कोल्ड स्टोरेज, मधुमक्खी पालन आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य प्रति एकड़ उत्पाद बढ़ाने के साथ-साथ प्रति एकड़ आय बढ़ाना हैं। साथ ही बागवानी क्षेत्र में विविधिकरण, उत्पादकता और उत्पादन को बढ़ाना, किसानों की आय में बढ़ोतरी हो, प्रदर्शन के माध्यम से नई प्रौद्योगिकी को बढ़ाना, फल, सब्जियों की तुढ़ाई उपरांत उचित रख-रखाव कर उनमें होने वाले नुकसान को कम करना, किसान समूहों और सामूहिक विपणन मार्किटिंग का बढ़ाना तथा रोजगार के नये अवसर पैदा करना है।

डसी कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि मॉडल नर्सरी स्थापना के लिए 4 हेक्टेयर तक 10 लाख रुपये तथा स्मॉल नर्सरी स्थापित करने के लिए 7.5 लाख रुपये तक प्रति इकाई अनुदान दिया जाता है। विभाग द्वारा 4 हेक्टेयर तक किन्नू, अमरुद, बेर का नया बाग स्थापित करने व रख रखाव के लिए भी प्रथम व द्वितीय वर्ष अनुदान दिया जाता है। वहीं 2 हैक्टेयर क्षेत्र में सब्जी या पूराने बागों के जीर्णाेद्धार के लिए विभाग द्वारा 20 हजार से 40 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाता है। इसके अलावा बागवानी विभाग द्वारा जल स्त्रोत सामुदायिक टैंक (किसी चार किसान समूह), संरक्षित खेती, हाई वैल्यू सब्जी, नीम खाद, नीम तेल, मधुमक्खी पालन, बागवानी मशीनरी आदि के लिए भी अनुदान दिया जाता है।

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