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सरकारी रेट लिस्ट लगानी होगी, नहीं तो दवा बेचने पर रोक

जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि जिले की सीमा में किसी भी अस्पताल, फार्मेसी द्वारा कोविड-19 के मरीजों को निर्धारित रेट पर दवा दी जाएगी। सभी उपमंडलाधीश, वरिष्ठ ड्रग्स कंट्रोलर, ड्रग्स कंट्रोलर, सिविल सर्जन, उपसिविल सर्जन, एसएचओ और सभी क्षेत्र स्तर की समितियां व टीम इन आदेशों की अनुपालना करवाएगी।

सरकारी रेट लिस्ट लगानी होगी, नहीं तो दवा बेचने पर रोक
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उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार

हरिभूमि न्यूज : रोहतक

उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि अब जिले में अस्पताल या मेडिकल स्टोर (Hospital or Medical Store) पर सरकार द्वारा निर्धारित दवाइयों के दाम की सूची को सार्वजनिक प्रदर्शित करना अनिवार्य हो गया है। सूची नहीं चस्पाने वाले दवाएं भी नहीं बेच सकेंगे।

जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि जिले की सीमा में किसी भी अस्पताल, फार्मेसी द्वारा कोविड-19 के मरीजों को निर्धारित रेट पर दवा दी जाएगी। सभी उपमंडलाधीश, वरिष्ठ ड्रग्स कंट्रोलर, ड्रग्स कंट्रोलर, सिविल सर्जन, उपसिविल सर्जन, एसएचओ और सभी क्षेत्र स्तर की समितियां व टीम इन आदेशों की अनुपालना करवाएगी। आदेशों का पालन नहीं करने पर अस्पताल या फार्मेसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

निजी अस्पताल 50% बेड रिजर्व रखें

कैप्टन मनोज कुमार ने आदेश दिए कि सभी निजी अस्पताल 50 प्रतिशत बेड कोरोना वायरस के मरीजों के लिए आरक्षित रखें। सिविल सर्जन द्वारा निजी अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या के साथ सूची तैयार की जाएगी। यह सूची नोडल अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी जाएगी। सिविल सर्जन द्वारा इन आदेशों की पालना करवाई जाएगी।

कालाबाजारी पर कार्रवाई

डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि आगामी कुछ दिनों में रैमडेसिविर की मांग बढ़़ जाएगी। कोविड-19 की वैक्सीन की कमी नहीं है और सरकार द्वारा जिले को शीघ्र ही रेमडेसिविर भी उपलब्ध करवाई जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा दवाओं की जमा खोरी और काला बाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध

कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि यह संक्रमण पहले से ज्यादा खतरनाक है। अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग बढ़ रही है और वेंटिलेटर युक्त बेड की जरूरत भी बढ़़ी है। जिले में लगभग 1500 बेड की व्यवस्था की गई है, जिनमें ऑक्सीजन युक्त, आईसीयू व वेंटिलेटर युक्त बेड शामिल हैं। निजी अस्पतालों में लगभग 125 वेंटिलेटर हैं और पीजीआई में 220 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। बिस्तरों की संख्या 3500 तक बढ़़ाने के प्रबंध किए गए हैं। जिला में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध है।

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