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Hisar : दिल्ली की कंपनी लोगों को लाखों रुपयों का चूना लगाकर फरार

कंपनी के फरार होने का पता चलने पर उससे जुड़े मैम्बर कंपनी के कार्यालय पर पहुंचे। कार्यालय पर ताला जड़ा हुआ था। कंपनी द्वारा जारी किए गए मोबाइल नंबर बंद आ रहे थे। वहां जमा लोगों ने जमकर हंगामा किया।

Hisar : दिल्ली की कंपनी लोगों को लाखों रुपयों का चूना लगाकर फरार
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कंपनी के कार्यालय के बाहर जमा लोगों की भीड़।

हरिभूिम न्यूज : हिसार

पुष्पा कॉम्पलेक्स स्थित दिल्ली की एक कंपनी लाखों रुपये लेकर फरार हो गई। कंपनी के फरार होने का पता चलने पर उससे जुड़े मैम्बर कंपनी के कार्यालय पर पहुंचे। कार्यालय पर ताला जड़ा हुआ था। कंपनी द्वारा जारी किए गए मोबाइल नंबर बंद आ रहे थे। वहां जमा लोगों ने जमकर हंगामा किया।

धोखाधड़ी का यह मामला पुलिस थाने पहुंच गया। ठगी का शिकार बने लोगों ने पुलिस को शिकायत देते हुए कंपनी संचालक पर कार्रवाई करने तथा उनकी पेमेंट दिलवाने की मांग की है। ठगी का शिकार होने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा थी।

एक हजार से अधिक थे मैंबर!

कार्यालय के सामने हंगामा कर रहे पीड़ित लोगों ने बताया कि कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी उनके पास आते थे और वे उन्हें मनके पिरोने का कार्य देते थे। इस कार्य के लिए कंपनी की मैंबरशिप लेनी होती थी। पुष्पा कॉम्पलेक्स स्थित कार्यालय में तकरीबन 6 माह पूर्व शुरू हुई कंपनी से लगभग एक हजार मैंबर बने हुए थे। प्रति मैंबरशिप पर 1500 रुपये की सिक्योरिटी राशि कंपनी के द्वारा ली जाती थी। ठगी का शिकार बने लोगों के चेहरे लटके हुए थे और एक-दूसरे से बार-बार एक ही सवाल कर रहे थे, अब आगे क्या होगा?

1500 रुपये लेकर बनाते थे मैम्बर

कंपनी के कार्यालय के बाहर मौजूद पीड़ितों ने बताया कि कंपनी के कारिंदे उनके घर आते थे और मैम्बरशिप के नाम पर 1500 रुपये सिक्योरिटी के रूप में लेते थे। मैम्बर बनने के बाद वे कंपनी की तरफ से जारी एक कार्ड देते थे जिन पर रोजाना दिए जाने वाले मनकों की डिटेल वाइज तारीख और मेहनताना के रूप में दी जाने वाली राशि का ब्यौरा दर्ज करते थे। पीड़ितों ने बताया कि कंपनी की ओर से उन्हें 50, 70 व 140 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से दिया जाना तय हुआ था। उक्त पैकेटों में से एक मैम्बरशिप पर एक ही कैटेगरी के लिए माला पिरोने के लिए मनके दिए जाते थे। एक मैम्बरशिप पर मनकों का एक ही पैकेट मैंबर को दिया जाता था।

कोरोनाकाल में शुरू हुआ था मनके पिरोने का कार्य

पीड़ितों ने बताया कि कंपनी की ओर से घर बैठे काम करने का प्रचार किया गया था। उस प्रचार के आधार पर लोगों ने कंपनी से संपर्क करना शुरू कर दिया। इसके बाद कंपनी ने कुछ लडकों को भी नौकरी पर रख लिया था। ये लड़के शहर व गांवों में घर-घर जाकर कंपनी की तरफ से लोगों को मैम्बर बनाने में लगे गए। पीड़ितों ने बताया कि मनकों से माला पिरोने के कार्य का मेहनताना शुरू में तो कंपनी द्वारा एक सप्ताह में भुगतान कर दिया जाता था। उसके बाद 15 दिन में भुगतान होने लगा और जनवरी माह में कंपनी ने एक महीने में भुगतान करने की बात कही।

कर्मचारियों को सैलरी भी नहीं दी

कंपनी के बाहर जमा पीड़ितों के साथ-साथ कंपनी में काम करने वाले लोगों का भी जमावड़ा लगा हुआ था। कंपनी के कुछ कारिंदों ने बताया कि कंपनी ने उनकी भी सैलरी नहीं दी है। उन्होंने बताया कि हिसार जिले में कंपनी के एक हजार से ज्यादा मैम्बर मनके पिरोने के काम में लगे हुए थे। यह संख्या लगातार बढ़ रही थी। पीड़ित लोगों के अनुसार एक हजार से ज्यादा मैम्बरों की 1500 रुपये प्रति मैम्बर के हिसाब से सिक्योरिटी राशि और मैम्बरों द्वारा किए गए कार्य का मेहनताना जोड़ा जाए तो यह राशि लाखों रुपये में बनती है।

कंपनी ने दी हुई थी डीलरशिप

बताया जाता है कि पुष्पा कॉम्पलेक्स में दिल्ली के एक कंपनी ने अपना मुख्य कार्यालय बनाया हुआ था। कार्यालय ने कुछ लोगों को डीलरशिप भी दी हुई थी। डीलरशिप के नाम पर प्रति व्यक्ति अढ़ाई लाख रुपये तक लिए जाते थे। सोमवार की सुबह कंपनी के भागने की सूचना मिलने पर उससे जुड़े लोग कार्यालय के सामने जमा हो गए और आपबीती सुनाने लगे।

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