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राज्य के इतिहास में पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग से लोक अदालत

राजीनामा करने हर हाल में 10 जुलाई तक न्यायालय में आवेदन करना होगा

राज्य के इतिहास में पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग से लोक अदालत
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रायपुर. कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सभी तरह के कार्यों में बदलाव किया जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य के इतिहास में राज्य में आयोजित होने वाली लोेक अदालत पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित होगी।

इस संबंध में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा के निर्देश पर ई-लोक अदालत आयोजन करने आदेश जारी किया गया है। इस लोक अदालत में पक्षकार और अधिवक्ताओं के न्यायालय आए बिना ही अपने मामलों का आपसी राजीनामा के आधार पर निराकरण करवा सकते है। गौरतलब है, कोविड-19 महामारी के कारण पिछली दो नेशनल लोक अदालतों को निरस्त किया जा चुका है। कोरोना संक्रमण की वजह से पांच महीनों से कोई भी लोक अदालत आयोजित नहीं हो सकी। इसी कारण, राजीनामा योग्य लंबित मामलोें के निराकरण एवं पक्षकारों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह विशेष ई-लोक अदालत आयोजित की जा रही है। रायपुर में जिला न्यायाधीश राम कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर द्वारा इस ई-लोक अदालत की तैयारियां की जा रही हैं।

कोर्ट में न्यायाधीश, स्टाफ उपस्थित रहेंगे

कोरोना महामारी के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए इस ई-लोक अदालत में पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं की न्यायालय में व्यक्तिगत उपस्थिति नहीं रहेगी तथा पक्षकार और अधिवक्ता वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही न्यायालय से जुड़ कर अपने मामले की सुनवाई में शामिल होंगे। इस ई-लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में लंबित सिविल वाद प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, चेक बाउंस से संबंधित मामले, पारिवारिक माामले एवं राजीनामा योग्य आपराधिक मामलों का राजीनामा के आधार पर निराकरण किया जाएगा। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश कुमार उपाध्याय ने दी।

ऐसे होगी मामलों की सुनवाई

संबंधित मामले के पक्षकारों और अधिवक्ताओं के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराये जायेंगे। पक्षकारों और अधिवक्ताओं को लोक अदालत के पूर्व, उनके मामले की सुनवाई करने वाले खंडपीठ की वीडियो लिंक उपलब्ध करायी जायेगी, जिसके माध्यम से पक्षकार घर बैठे 11 जुलाई की ई-लोक अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर अपने मामले को राजीनामा के माध्यम से निराकृत करा सकेंगे। किसी पक्षकार या अधिवक्ता की इस ई-लोक अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति प्रतिबंधित रहेगी। यदि किसी पक्षकार के पास वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय से जुड़ने के लिये साधन उपलब्ध ना हो, तो ऐसा पक्षकार व्हाटसऐप वीडियो कालिंग के माध्यम से भी न्यायालय से जुड़ सकता है या अपने अधिवक्ता के कार्यालय से भी न्यायालय से जुड़ सकता है।

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