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मानसून सत्र में कर्मचारी की निलंबन की पहली घोषणा, धर्मजीत सिंह ने कहा था- 'गलत साबित हुआ तो इस्तीफा दे दूंगा'

विधायक धर्मजीत सिंह ने रेंजर पर आदिवासियों के साथ मारपीट का आरोप लगाया था। पढ़िए पूरी खबर-

मानसून सत्र में कर्मचारी की निलंबन की पहली घोषणा, धर्मजीत सिंह ने कहा था- गलत साबित हुआ तो इस्तीफा दे दूंगा
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रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र में किसी कर्मचारी की निलंबन की पहली घोषणा हुई है। वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने अचानकमार रेंज के रेंजर को निलंबित करने की घोषणा की है। दरअसल विधायक धर्मजीत सिंह ने रेंजर पर आदिवासियों के साथ मारपीट का आरोप लगाया था। इसके साथ ही धर्मजीत सिंह ने आरोप गलत साबित होने पर इस्तीफा देने की चुनौती दी थी। वनमंत्री ने पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ की अध्यक्षता में जांच का ऐलान किया है।

वनमंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि- 'विधायकों का हम सम्मान करते हैं, अगर किसी ने गलत किया होगा तो कार्रवाई जरूर होगी।

इसके अलावा विधानसभा में प्रथम अनुपूरक अनुमान बजट पर चर्चा शुरू। सीएम ने 3807 करोड़ 46 लाख का अनुपूरक बजट पेश किया है। वहीं विपक्ष की ओर से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने चर्चा की शुरुआत की कहा- बिना प्रशासकीय स्वीकृति के निर्माण कार्य हो रहे है। सरकार मितव्ययिता की बात कर 15 संसदीय सचिव नियुक्त करती है।

आगे उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री सिर्फ अपनी टीआरपी बढ़ाने में लगे हैं. कभी ढोलक बजाते हैं, कभी भौंरा चलाते हैं. मंत्रियों की स्थिति भी खराब है, मुझे उनसे सहानुभूति है. सभी मंत्री शोभा के माध्यम बनकर रह गए हैं। छत्तीसगढ़ में कलेक्टरों की मंडी खुल गई है। कौन कितना शराब बेच सकता है, कौन कितना रेत बेच सकता है, इसकी बोली लगती है।

उन्होंने आगे कहा कि- यह विचार करने की जरूरत है कि छत्तीसगढ़ को किस दिशा में ले जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के लोग यह मेरा छत्तीसगढ़ है ये महसूस करें। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता छत्तीसगढ़ में है, इसका अहसास होना चाहिए।

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