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रायसेन में पत्नी को बड़ा दुख देने डेढ़ साल की मासूम के गले में डाला फंदा, फिर पुलिस को सौंपी, खुद फांसी पर झूल रहा था पर पुलिस ने बचाया

तजपुरा - गोपालपुर क्षेत्र में शनिवार को एक ऐसा मामला घटित हुआ कि एक घंटे तक पुलिस की सांसें बंद सी होने लगीं। क्योंकि, सामने एक मंजिल मकान की छत पर एक व्यक्ति अपनी डेढ़ साल की बेटी के गले में साड़ी का फंदा डाले बैठा था। पास ही त्रिशूल रखे था, जिससे खुद को भी जान से मारने की धमकी दे रहा था।

रायसेन में पत्नी को बड़ा दुख देने डेढ़ साल की मासूम के गले में डाला फंदा, फिर पुलिस को सौंपी, खुद फांसी पर झूल रहा था पर पुलिस ने बचाया
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सीएसपी अदिति भावसार के साथ पुलिस टीम, जगदीश की बेटी व पत्नी। सीएसपी ने बेटी महिला प्रधान आरक्षक की गोद में दी है।

भोपाल। तजपुरा - गोपालपुर क्षेत्र में शनिवार को एक ऐसा मामला घटित हुआ कि एक घंटे तक पुलिस की सांसें सी बंद होने लगीं। क्योंकि, सामने एक मंजिल मकान की छत पर एक व्यक्ति अपनी डेढ़ साल की बेटी के गले में साड़ी का फंदा डाले बैठा था। पास ही त्रिशूल रखे था, जिससे खुद को भी जान से मारने की धमकी दे रहा था। नीचे उसकी पत्नी पुलिस लिए खड़ी थी, लेकिन सब असहाय थे। क्योंकि उक्त व्यक्ति सभी को न केवल धमकी दे रहा था, बल्कि मकान की छत से पत्थरबाजी भी कर रहा था कि कोई आगे बढ़ा तो वह बच्ची को मारकर खुद मर जाएगा। ऐसे में रायसेन सीएसपी अदिति भावसार ने बेहद सूझबूझ का परिचय देते हुए उक्त व्यक्ति से संवाद जारी रखा। उसके पत्थर पुलिस सहन करती रही, लेकिन सीएसपी भावसार समेत रायसेन कोतवाली टीआई आशीष सप्रे उक्त व्यक्ति को समझाते रहे कि उसकी जो मांग है वह पूरी की जाएगी।

मामला कुछ यूं था

रायसेन सीएसपी अदिति भावसार ने हरिभूमि भोपाल को बताया कि तजपुरा में रहने वाला जगदीश कुशवाहा कुछ माह पहले गोपालपुर आकर रहने लगा। उसका अपनी पत्नी से एक साल से विवाद चला आ रहा है। इस कारण वह पत्नी को चिर स्थाई दुख देकर खुद मरना चाहता था। शनिवार को वह अपनी डेढ़ साल की बेटी काजल को लेकर गोपालपुर - तजपुरा क्षेत्र में एक मकान की छत पर चढ़ गया। वह कहीं से त्रिशूल भी ले गया। उसने बच्ची के गले में साड़ी का फंदा डाल दिया। साथ ही खुद इल्ली मारने वाला कीटनाशक खा लिया। इधर उसकी पत्नी ने पुलिस को सूचना दे दी। जब जगदीश ने देखा कि उसकी पत्नी पुलिस ले आई है तो वह सभी गालियां बकने लगा। चिल्लाने लगा कि कोई आगे बढ़ा तो वह अपनी बेटी को फांसी लगा देगा। वह खुद भी त्रिशूल से मर जाएगा। ऐसे में पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। फिर करीब एक घंटे तक उक्त व्यक्ति को बातों में उलझाया गया।

बेटी को पत्नी को नहीं देना चाहता था

सीएसपी भावसार बताती हैं कि जगदीश अपनी पत्नी से नफरत होने की बात चिल्ला चिल्लाकर बता रहा था। वह कह रहा था कि यह अच्छी महिला नहीं है। इसलिए वह इसे हमेशा के लिए दुख देने की खातिर बेटी को मार रहा है, खुद भी मर जाएगा। मौके पर यह हुआ कि जब जगदीश ने पुलिस से बहस शुरु की तो सीएसपी भावसार ने कहा कि उससे कहा कि तुम्हारी बेटी को हम पढ़ाएंगे। तुम बच्ची को लेकर नीचे उतर आओ, बेटी को तुम्हारी पत्नी को नहीं देंगे। उसका पूरा खर्च हम स्वयं उठाएंगे। सीएसपी द्वारा कही गई इस बात का जगदीश पर असर हुआ। उसने कहा कि तो ठीक है बेटी को आप लोग ले लीजिए, लेकिन मैं नहीं उतरूंगा। फिर यह हुआ कि टीआई सप्रे आगे बढ़े और उक्त मकान के पास पहुंचे। वहां जगदीश ने अपनी बेटी ऊपर से ही लटकाकर टीआई सप्रे को दे दी। जिसके बाद वह स्वयं पीछे हो गया। उसने उसी साड़ी से फंदा लगा लिया। ऐसे में सीएसपी भावसार समझ गर्इं कि यह कूद सकता है।

पुलिस ने ले ली थी पोजीशन

ज्यों ही जगदीश ने गले में फांसी का फंदा लगाकर उसे छत के पिलर वाले सरियों से बांधा, सीएसपी भावसार ने पुलिस जवानों को पोजीशन लेने को कहा। तत्काल पुलिस मकान के चारों ओर दीवार के पास फैल गई। इसी बीच जगदीश ने छलांग लगा दी। ज्यों ही जगदीश के पैर नीचे आए, पुलिस जवानों ने उसे उठा लिया। फिर तत्काल फांसी का फंदा काटकर उसे सीधे जिला अस्पताल ले जाया गया।


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