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हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड का अभिभावकों को झटका, पहली से आठवीं कक्षा की पुस्तकों के दाम बढ़ाए

हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पहली से आठवीं कक्षा तक की अधिकांश पुस्तकों में 50 से लेकर 100 फीसदी तक भारी बढ़ोतरी कर अभिभावकों को झटका दिया है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी छठी और सातवीं कक्षा की गणित की किताबों में हुई है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पहली से आठवीं कक्षा तक की अधिकांश पुस्तकों में 50 से लेकर 100 फीसदी तक भारी बढ़ोतरी कर अभिभावकों को झटका दिया है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी छठी और सातवीं कक्षा की गणित की किताबों में हुई है। गत शैक्षणिक सत्र में 60 रुपये में मिलने वाली दोनों किताबों का मूल्य 100 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 120 रुपये कर दिया है। आठवीं की गणित की किताब का मूल्य 83 फीसदी बढ़ाकर 110 रुपये कर दिया है। पिछले सत्र में छठी, सातवीं व आठवीं कक्षाओं की 60 रुपये मूल्य वाली विज्ञान की किताब अब छठी के लिए 80, सातवीं और आठवीं के लिए 100 रुपये में मिलेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि एनसीईआरटी की ओर से प्रकाशित ये छह किताबें मात्र 65 रुपये प्रति किताब बाजार में उपलब्ध हैं।

पहली और दूसरी कक्षा की अंग्रेजी, हिंदी और गणित की तीन पुस्तकों का कुल मूल्य 180 से बढ़ाकर 210 रुपये कर दिया है। तीसरी, चौथी और पांचवीं की अंग्रेजी, हिंदी, गणित व पर्यावरण अध्ययन की पुस्तकों का मूल्य 240 रुपये (प्रति पुस्तक मूल्य 60 रुपये) था। इस बार तीसरी कक्षा की गणित की किताब 90 और पर्यावरण की 80 रुपये होने से चार किताबें 305 रुपये में मिल रही हैं। चौथी कक्षा की अंग्रेजी की किताब 90, पर्यावरण अध्ययन 95 और चार किताबें 335 रुपये में मिल रही हैं। पांचवीं की अंग्रेजी की किताब 90, पर्यावरण अध्ययन 95 रुपये और चार किताबें 360 रुपये में मिल रही हैं। एनसीईआरटी की ओर से प्रकाशित चारों किताबें मात्र 240 रुपये में उपलब्ध हैं। वहीं इस संदर्भ में बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि कुछेक किताबों के रेट 15 से 20 फीसदी तक बढ़ाए गए हैं।

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