Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी : हरियाणा में नहरों के पानी का गणित गड़बड़ाने लगा, किसानों की टेंशन शुरू

27 दिसम्बर की बजाए 29 दिसम्बर को पानी छोड़ने जाने की योजना है। हालांकि अभी भी पानी छोड़े जाने के कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है,लेकिन फिलहाल सिंचाई विभाग के अधिकारी इसी प्रस्तावित योजना को लेकर पानी की तैयारी में जुटे है।

canal
X

भिवानी : सुंदर ग्रुप की नहर का दृश्य (फाइल फोटो)

हरिभूमि न्यूज : भिवानी

पहाड़ी इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी व यमुना का जलस्तर घटने की वजह से प्रदेश की नहरों का गणित गड़बड़ाने लगा है। यमुना का जलस्तर निचले स्तर पर जाने की वजह से सुंदर ग्रुप को दो दिन की देरी से पानी मिलेगा। 27 दिसम्बर की बजाए 29 दिसम्बर को पानी छोड़ने जाने की योजना है। हालांकि अभी भी पानी छोड़े जाने के कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है,लेकिन फिलहाल सिंचाई विभाग के अधिकारी इसी प्रस्तावित योजना को लेकर पानी की तैयारी में जुटे है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सिंचाई विभाग ने जिले की नहरों के लिए पानी मांगा था। तय शेड्यूल के मुताबित जिले की नहरों(सुंदर ग्रुप ) में 27 दिसम्बर को पानी छोड़े जाने की योजना थी। नम्बर भी इसी दिन का बन रहा था,लेकिन यमुना में लगातार पानी कम होने व जेएनएल ग्रुप की डिमांड बढने के बाद सिंचाई विभाग ने दो दिन अतिरिक्त जेएलएल ग्रुप को पानी दे दिया। जिसकी वजह से जिले की नहरों को अब 27 की बजाए 29 को पानी मिलेगा। यह पानी नहरों में करनाल के मूनक से छोड़ा जाएगा। जो कि मोहला हैड होता हुआ सुंदर ग्रुप की नहरों में पानी पहुंच पाएगा। अब नहरी पानी 31 दिसम्बर या नए साल एक जनवरी तक पहुंचने की उम्मीद है। अगर पानी पूरा हुआ तो 31 दिसम्बर को नहीं तो एक जनवरी को नहरों में पानी पहुंचेगा। नया शेडयूल सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों के पास भेजा जा चुका है। नया शेडयूल मिलने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने उसी हिसाब से अपनी तैयारी शुरू कर ली है।

देरी से पानी पहुंचने पर रबी फसलों में होगा नुकसान

दो दिनों की देरी से पानी पहुंचने की वजह से रबी की फसलों को नुकसान होगा। चूंकि फिलहाल फसलों को सिंचाई की बेहद ज्यादा जरूरत है। अगर इस वक्त इनकी सिंचाई नहीं हो पाई तो औसतन पैदावार घटना लाजिमी है। फिलहाल किसानों के खेतों में सरसों व गेहूं की फसल है। जिसमें फुटाव बन रहा है। सिंचाई होने के बाद नई फुट शीघ्र बढ़ने लगेगी। जिसके कारण उस फसल की औसतन पैदावार में अच्छी खासी बढ़ोतरी होगी।

और पढ़ें
Next Story