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पैसा डबल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस की वर्दी पहन करते थे ठगी

पकड़े गए लोगों की पहचान जगदेव सिंह उर्फ जग्गा पुत्र रूप सिंह, जीवन सिंह पुत्र मिठू सिंह निवासी पाखोकंला जिला बरनाला पंजाब, भूरा सिंह पुत्र अमरजीत सिंह निवासी वार्ड नंबर 62 एमसी कॉलोनी सिरसा व अशोक कुमार पुत्र अमरजीत सिंह निवासी भारत नगर सिरसा के रूप में हुई है।

पैसा डबल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस की वर्दी पहन करते थे ठगी
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पुलिस हिरासत में ठग गिरोह के सदस्य।

हरिभूमि न्यूज : सिरसा

सीआईए सिरसा और थाना सदर पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए पैसे डबल करने के बहाने ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

सीआईए सिरसा प्रभारी प्रदीप कुमार के मुताबिक बीती 25 मार्च को शिकायतकर्ता जुगराज पुत्र गुरतेज सिंह निवासी अलीशेर कलां जिला मानसा पंजाब के साथ दो लाख 40 हजार रुपये की ठगी हो गई है। जिस पर थाना सदर सिरसा में विभिन्न धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर जांच के लिए सीआईए सिरसा व थाना सदर सिरसा की टीमों का गठन किया गया। उन्होंने बताया कि सीआईए सिरसा व थाना सदर सिरसा की संयुक्त पुलिस टीमों ने महत्वपूर्ण सुराग जुटाते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए लोगों की पहचान जगदेव सिंह उर्फ जग्गा पुत्र रूप सिंह, जीवन सिंह पुत्र मिठू सिंह निवासी पाखोकंला जिला बरनाला पंजाब, भूरा सिंह पुत्र अमरजीत सिंह निवासी वार्ड नंबर 62 एमसी कॉलोनी सिरसा व अशोक कुमार पुत्र अमरजीत सिंह निवासी भारत नगर सिरसा के रूप में हुई है।

सीआईए प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ की गई तो उन्होंने खुलासा किया कि वे भोले भाले लोगों को पैसा डबल करने के लिए अपने चुंगल में फंसाते हैं और जब वे हमारे पास आते हैं तो उन्हें पैसा दिखा कर पुलिस से बचने का बहाना बनाकर प्लानिंग के तहत हम उन्हें शहर से बाहर ले जाते हैं। जबकि पैसे हमारे लोगों के पास होते हैं और गिनने के बहाने से हमारे लोग उनके साथ गाड़ी में बैठ जाते हैं और हमारे दो तीन आदमी पुलिस की वर्दी में होते हैं जिनको इशारा करते ही उन पर रेड कर देते हैं और मौके से हमारे पैसे गिनने वाले साथी पैसों सहित फरार हो जाते हैं तथा पुलिस की वर्दी में गिरोह के अन्य लोग उन भोले भाले लोगों को धमका कर भगा देते हैं।

सीआईए प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा और रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर उनकी निशानदेही पर ठगी की राशि बरामद की जाएगी।

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