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पुुलिसकर्मी का ट्रांसफर कराने के लिए भाजपा की फर्जी आईडी से हरियाणा डीजीपी को भेजी ई-मेल

मेल आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पूर्व मंत्री के पर्सनल स्टाफ से इसे कंफर्म किया। स्टाफ ने बताया कि उन्होंने इस तरह का कोई ई-मेल नहीं भेजा, जिसके बाद इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

हरिभूमि न्यूज. रोहतक

कलानौर थाना में तैनात एक सिपाही की ट्रांसफर के लिए पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर के हस्ताक्षर कर ‌भाजपा की फर्जी आईडी से डीजीपी हरियाणा को ई-मेल ( E-mail ) भेजी गई। डीजीपी की मेल पर आए मैसेज की जांच की गई तो वह आईडी बोगस पाई गई। आर्य नगर पुुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपित को हिरासत में लिया है। इस घटना के बाद आशंका है कि राज्य में नेताओं के फर्जी हस्ताक्षर कर ट्रांसफर करवाने वाला गिरोह सक्रिय है।

मामले के अनुसार, तीन अगस्त को पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के फर्जी साइन कर पत्र ई-मेल से अटैच कर बीजेपीनमोसंघ ( bjpnamosangh ) के नाम से हरियाणा पुलिस की ऑफिशियल मेल आईडी पर भेजा गया। उसमें लिखा गया कि रोहतक के कलानौर थाने में तैनात कांस्टेबल प्रीतम को नूंह जिले के फिरोजपुर जिरका थाने में ट्रांसफर किया जाए। मेल आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पूर्व मंत्री के पर्सनल स्टाफ से इसे कंफर्म किया। स्टाफ ने बताया कि उन्होंने इस तरह का कोई ई-मेल नहीं भेजा, जिसके बाद इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। स्टाफ ने बताया कि मेल में अटैच पत्र पर पूर्व मंत्री के हस्ताक्षर नहीं हैं। पूरा मामला उजागर होने के बाद आर्य नगर पुलिस में सिपाही प्रीतम की शिकायत पर केस दर्ज किया है।

विनोद का नाम आया सामने

कांस्टेबल ने अधिकारियों के सामने विनोद नाम के युवक पर ई-मेल में पत्र अटैज कर भेजने का आरोप लगाया है। प्रीतम का कहना है कि वह आरोपित को पहले से जानता है, लेकिन उसने ‌कभी भी उससे ट्रांसफर जैसी कोई बातचीत नहीं की। विनोद भिवानी के एक गांव खरखुर्द का रहने वाला है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वह आईटी एक्सपर्ट है और इस तरह के कार्यों में संलिप्त बताया जा रहा है।

गिरोह सक्रिय तो नहीं

अब पुलिस समेत खुफिया विभाग भी इस बात की जांच कर रहा है कि क्या सच में राज्य में ऐसा कोई गिरोह सक्रिय तो नहीं है जो, मंत्री के नाम पर कर्मचारियों के ट्रासंफर के लिए ईमेल या पत्र भेजते हैं। हर जिला स्तर पर जांच की जा रही है। इसके अलावा बीजेपीनमोसंघ ईमेल आईडी को भी साइबर क्राइम टीम द्वारा खंगाला जा रहा है।

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