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भतीजे को बचाने लिए हांसी-बुटाना ब्रांच नहर में उतरी चाची, दोनों की मौत

गांव अंटा निवासी पिंकी (31), उसकी देवरानी कविता (27) शनिवार को पानीपत रोड पर हांसी बुटाना ब्रांच नहर के साथ लकडिय़ां काटने आई हुई थी। तभी खेलते समय नहर में बच्चा गिर गया पिंकी अपनी देवरानी कविता के साथ आयुष को बचाने के लिए नहर में उतर गईं थी।

भतीजे को बचाने लिए हांसी-बुटाना ब्रांच नहर में उतरी चाची, दोनों की मौत
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हरिभूमि न्यूज. जींद

गांव अंटा के निकट हांसी बुटाना ब्रांच नहर में शनिवार दोपहर को सात वर्षीय बच्चा व उसकी चाची गहराईयों में समां गए। जबकि बच्चे की मां को लोगों ने सुरक्षित निकाल लिया। घटना की सूचना पाकर सदर थाना सफीदों पुलिस मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों के सहयोग से नहर में डूबे चाची, भतीजे को ढुंढने के लिए तलाशी अभियान चलाया। लगभग पांच किलोमीटर दूर दोनों के शवों को बरामद कर लिया गया।

गांव अंटा निवासी पिंकी (31), उसकी देवरानी कविता (27) शनिवार को पानीपत रोड पर हांसी बुटाना ब्रांच नहर के साथ लकडिय़ां काटने आई हुई थी। उनके साथ पिंकी का सात वर्षीय बेटा आयुष भी था, जो पटरी पर खेल रहा था। अचानक आयुष नहर में गिर गया, जब दोनों का ध्यान आयुष की तरफ गया तो पिंकी अपनी देवरानी कविता के साथ आयुष को बचाने के लिए नहर में उतर गई। बहाव तेज होने के कारण तीनों नहर में बह रहे थे तो वहां से गुजर रहे लोगों का ध्यान उन पर गया। जिस पर लोगों ने पिंकी को सुरक्षित निकाल लिया, जबकि उसका बेटा आयुष तथा देवरानी कविता नहर की गहराईयों में समां गई।

घटना की सूचना मिलते ही काफी संख्या में ग्रामीण तथा सदर थाना सफीदों पुलिस मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों के सहयोग से नहर में तलाशी अभियान चलाया। काफी देर तक सफलता न मिलने पर सूचना देकर नहर के पानी को पीछे से कम करवाया। ताकि नहर में डूबे चाची-भतीजे को ढुंढा जा सके। आखिरकार घटना स्थल से पांच किलोमीटर दूर दोनों के शवों को बरामद कर लिया गया।

सदर थाना सफीदों प्रभारी संजय ने बताया कि खेलते समय नहर में गिरे मासूम को बचाने के लिए दोनों महिलाएं नहर में उतरी थी। बच्चे की मां को निकाल लिया गया है, जबकि बच्चे व उसकी चाची के शवों को भी बरामद कर लिया गया है।

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