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Farmers Protest Live Update: भूख हड़ताल पर बैठे किसान, एनएच-24 की सड़कें बंद, इंटरनेट सेवा रोकी गई

Farmers Protest Live Update: कानूनों को रद्द कराने पर अड़े किसान इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं। इसके लिए दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन आज 66वें दिन भी जारी है। किसानों ने सरकार से जल्द उनकी मांगें मानने की अपील की है।

Farmers Protest Live Update: गाजीपुर बॉर्डर पर भूख हड़ताल बैठे किसान, एनएच-24 की सड़कें बंद, इंटरनेट सेवा रोकी गई
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भूख हड़ताल बैठे किसान

Farmers Protest Live Updates गाजीपुर बॉर्डर और गाजियाबाद को आने वाली एनएच-24 की सड़कें बंद कर दी गई हैं। जिसकी जानकारी दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दी। इसस पहले किसान के प्रदर्शन के मद्देनजर गाजीपुर बॉर्डर के आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई थीं। किसानों के प्रतिनिधि अनशन पर है। दिल्ली से सटी सीमाओं पर किसान भारी संख्या में मौजूद हैं। किसानों के प्रदर्शन के दौरान किसी अनहोनी को टालने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किए गए हैं। वहीं गाजीपुर बॉर्डर और आस-पास के इलाकों में इंटरनेट सेवा रोक दी गई है। बता दें कि गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत अपने समर्थकों के साथ डटे हुए हैं। इससे पहले किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने सिंघु बॉर्डर पर इंटरनेट सेवा बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हमारी बातें लोगों तक नहीं पहुंच सके इसके लिए इंटरनेट सेवा रोकी गई है।

Farmers Protest Live Update: Internet suspended at Ghazipur border protest site, NH-24 road closedकिसानों ने महात्मा गांधी के पुण्यतिथि पर सद्भावना दिवस मनाने का किया है फैसला

नये कृषि कानूनों को लेकर केंद्र के खिलाफ दो महीने से प्रदर्शन जारी है। वहीं, 26 जनवरी पर हुये उग्र प्रदर्शन के बाद आज किसानों ने महात्मा गांधी के पुण्यतिथि पर सद्भावना दिवस मनाने का फैसला लिया है। साथ ही आज किसान दिन भर उपवास भी रखेंगे। इसी बीच, किसान संगठनों के नेताओं ने कहा कि केंद्र के नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर सद्भावना दिवस मनाएंगे और दिन भर का उपवास रखेंगे। किसान नेताओं ने दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर संबोधित करते हुए कहा कि सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक उपवास रखा जाएगा। उन्होंने देश के लोगों से किसानों के साथ जुड़ने की अपील की। कृषि कानूनों के खिलाफ गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है।

केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर साधा निशाना

किसान नेताओं ने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि कृषि कानूनों के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन को बर्बाद करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस किसान आंदोलन को नष्ट करने की सत्ताधारी भाजपा की साजिश अब सामने आ गयी है। किसान नेताओं ने यह भी दावा किया कि बृहस्पतिवार की रात गाजीपुर सीमा से किसान नेता राकेश टिकैत को हटाने की पुलिस की कथित कोशिश के बाद सभी प्रमुख प्रदर्शन स्थलों गाजीपुर, सिंघू और टीकरी में आंदोलनकारियों की संख्या बढ़ रही है।

किसानों ने फिर से गाड़े तंबू

गणंतत्र दिवस पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद जहां सभी बॉर्डरों पर किसानों की संख्या घट गई थी, वो एक बार फिर से बढ़ने लगी है। 26 जनवरी के बाद ऐसा लग रहा था कि अब आंदोलन लगभग समाप्त हो गया है, लेकिन गुरुवार शाम गाजीपुर बॉर्डर पर डटे भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के वीडियो टीवी चैनलों पर चलने के बाद माहौल तेजी से बदल गया और किसानों का फिर से धरनास्थलों पर लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है।

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