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कार्यालयों में छाई खामोशी : प्रदेशभर में अधिकारी-कर्मचारियों का प्रदर्शन, दफ्तरों में पसरा सन्नाटा-भटकते दिख रहे हैं ग्रामीण

बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन की अगुवाई में भारी संख्या में धरना दे रहे हैं। लगभग 80 कर्मचारी संगठनों ने इसे समर्थन दिया है। स्कूलों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक में ताले लग गए हैं। पढ़िए कहां क्या चल रहा है...

कार्यालयों में छाई खामोशी : प्रदेशभर में अधिकारी-कर्मचारियों का प्रदर्शन, दफ्तरों में पसरा सन्नाटा-भटकते दिख रहे हैं ग्रामीण
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रायपुर। रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित धरना प्रदर्शन स्थल पर सरकारी अधिकारी- कर्मचारी फेडरेशन के बैनर तले प्रदर्शन का आगाज हो चुका है। इसी कड़ी में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन की अगुवाई में भारी संख्या में धरना दे रहे हैं। लगभग 80 कर्मचारी संगठनों ने इसे समर्थन दिया है। स्कूलों से लेकर सरकारी दफ्तरों तक में ताले लग गए हैं। प्रदर्शन कर रहे अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के लोगों का कहना है कि, अगर उनकी मांगें इन 5 दिनों के अंदर पूरी नहीं की गईं तो हम अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।

भोलेनाथ को जलाभिषेक कर हड़ताल की शुरुआत

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पलारी में 'अभी नहीं तो कभी नहीं' की तर्ज पर सभी कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले आज 25 जुलाई से 29 जुलाई तक 5 दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। जिसमें लगभग 70 विभागों के संयुक्त आह्वान पर ब्लाक / ज़िला/ प्रदेश स्तर पर सभी जगह कर्मचारी हड़ताल पर हैं। फेडरेशन की मुख्य मांग है कि, केंद्र के समान महंगाई भत्ता व गृहभत्ता दिया जाए। इस सम्बंध में पलारी ब्लाक संयोजक देवेंद्र साहू ने बताया कि, सावन के पुण्य महीने में सभी विभाग के कर्मचारी और अधिकारी भोलेनाथ जी को जलाभिषेक कर प्रदेशभर के सभी संगठन आज से हड़ताल की शुरुआत कर चुके हैं।

पड़ताल के दौरान, कई विभागों में लटके मिले ताले

शासन-प्रशासन को इस हड़ताल सम्बंधित सूचना दे दिया गया है। सभी विभाग के कर्मचारी अपने-अपने विभाग के प्रमुखों को सूचना भी दे दी गई हैं। इसके साथ ही सभी कर्मचारी काम बंद, कलम बंद हड़ताल में कूद पड़े है। इसके साथ ही पूर्ण रूप से सभी विभाग में ताला बंदी की नौबद आ गई है। कई कार्यालयों में पड़ताल करने से पता चला कि, सभी जगह काम काज बंद है सभी अधिकारी कर्मचारी सामूहिक रूप से अवकाश लेकर हड़ताल पर है। कई विभागों में तो ताला लटका मिला। वहीं कई स्कूलों में मध्यान भोजन के बाद छात्र छात्राओं को छुट्टी दे दी गई है।

तहसील कार्यालय से बैरंग लौट रहे ग्रामीण

कोंडागांव/केशकाल। अधिकारी-कर्मचारियों की हड़ताल के चलते ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, आज कुछ अपने काम को फरसगांव तहसील कार्यालय पहुंचे लेकिन वहां चल रहे हड़ताल के कारण कोई काम नहीं हुआ और सभी को वापस आना पड़ गया। इसके साथ ही तहसील कार्यालय में हड़ताल को लेकर क्षेत्र के कई स्कूल भी बंद पड़े हुए हैं।

कांकेर में भी उग्र आंदोलन

कांकेर। महंगाई भत्ते और हाउस रेंट बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने 5 दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे शासकीय दफ्तरों में काम-काज बुरी तरह प्रभावित हो रहे है। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आंदोलन का यह तीसरा चरण है। प्रदेश के कर्मचारियों अधिकारियों का महंगाई भत्ता केंद्र से 12 प्रतिशत पीछे चल रहा है, जिसको लेकर लंबे समय से कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन प्रदेश सरकार से महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग कर रहा है। इसके साथ ही फेडरेशन ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि, एक तरफ विधायकों के वेतनवृद्धि का प्रस्ताव विधानसभा में ध्वनि मत से पारित हो रहा है, तो वहीं कर्मचारी अधिकारियों के जायज मांग पर चर्चा तक नहीं हो रही है, फेडरेशन ने प्रदेश सरकार के द्वारा विधायकों के वेतन बढ़ाने और कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के मुद्दे को अनदेखा करने को शर्मनाक करार दिया है।

नक्सलियों ने भी कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया

सुकमा। वहीं कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर नक्सलियों ने भी समर्थन किया है। इसके साथ ही जिला कार्यलय सहित जिले के सभी शासकीय कार्यलय में काम-काज 5 दिनों के लिए ठप्प हो गया है। इसके साथ ही दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस नोट जारी किया है। सुकमा के सभी कार्यालय में खामोशी छाई हुई है, अब देखना यह है कि सरकार इनकी मांगों को पूरी करती है या फिर इसी तरह प्रदेश के सरकारी कार्यलयों में खमोशी छाई रहेंगी।

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