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राजधानी में पेपरलेस 'हमर अस्पताल' में अभी भी डाक्टरों की जांच से लेकर दवा लेने तक कागज की मदद लेनी पड़ रही

शहर के तीन हमर अस्पतालों में दांतों की बीमारी के इलाज की सुविधा प्रारंभ नहीं हो पाई है। दो अस्पताल ऐसे हैं, जहां के मरीजों को सोनोग्राफी और एक्स-रे के लिए निजी लैब जाना पड़ता है। इन हमर अस्पतालों के उन्नयन के दौरान मरीजों को उपचार की सुविधा पेपरलेस तरीके से दिए जाने की थी, मगर अभी भी मरीजों को ओपीडी की पर्ची कटाने के साथ डाक्टरों की जांच से लेकर दवा लेने तक कागज की मदद लेनी पड़ रही है। पढ़िए पूरी ख़बर...

राजधानी में पेपरलेस हमर अस्पताल में अभी भी डाक्टरों की जांच से लेकर दवा लेने तक कागज की मदद लेनी पड़ रही
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प्रतीकात्मक तस्वीर

रायपुर: निजी अस्पतालों से स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत दांतों की बीमारी का इलाज हटाए जाने के दौरान सभी हमर अस्पतालों में यह सुविधा देने की योजना बनाई गई थी। सालभर बाद भी यह सुविधा केवल गुढ़ियारी के हमर अस्पताल को ही मिल पाई है। इसी तरह सोनोग्राफी और एक्स-रे की सुविधा केवल राजातालाब और गुढ़ियारी में है। भाठागांव और भनपुरी के मरीज दांतों के इलाज और अन्य जांच के लिए निजी लैब के भरोसे हैं। हमर अस्पताल में दो वक्त की ओपीडी का संचालन तो किया जा रहा है, मगर यहां ज्यादातर सर्दी-बुखार जैसी समस्या लेकर मरीज पहुंच रहे हैं और यहां नियमित रूप से गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराया जा रहा है। अस्पताल में डेढ़ सौ तरह की दवाएं तो उपलब्ध हैं, जो जनरल मेडिसिन है। इन अस्पतालों में आंखों की जांच हो रही है और प्रत्येक हमर अस्पताल मे रोजाना सवा सौ मरीज आकर अपना इलाज करा रहे हैं। यहां 42 तरह के लैब टेस्ट की सुविधा दी गई। इन हमर अस्पतालों के उन्नयन के दौरान मरीजों को उपचार की सुविधा पेपरलेस तरीके से दिए जाने की थी, मगर यह काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है। हमर अस्पताल में अभी भी मरीजों को ओपीडी की पर्ची कटाने के साथ डाक्टरों की जांच से लेकर दवा लेने तक कागज की मदद लेनी पड़ रही है। सभी हमर अस्पताल में सामान्य तरह की बीमारी के मरीज अधिक हैं, इसलिए वहां इसी तरह की डेढ़ सौ दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

ओपीडी निशुल्क

स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुछ समय पहले मरीजों की ओपीडी व्यवस्था को ऑनलाइन किया गया था। इस दौरान सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पंजीयन की निशुल्क व्यवस्था की गई थी। हमर अस्पताल में भी यह व्यवस्था लागू है और मरीजों को इलाज के दौरान किसी तरह का शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।

बच्चों का टीकाकरण

चारों हमर अस्पतालों में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत पिछले सात महीनों में कुल 335 बच्चों को हेपेटाइटिस-बी, 282 बच्चों को विटामिन-के की खुराक तथा 405 बच्चों को बीसीजी का टीका एवं ओरल पोलियो वैक्सीन दी गई है। इस दौरान गुढ़ियारी 'हमर अस्पताल' में 77, राजातालाब 'हमर अस्पताल' में 53, भनपुरी 'हमर अस्पताल' में 38 और भाठागांव 'हमर अस्पताल' में 35 महिलाओं का प्रसव कराया गया है।

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