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हिसार की GJU के वीसी ऑफिस का गेट तोड़ने के मामले में गिरफ्तार 6 नेताओं को जमानत मिलने के बाद भी विवाद थमाने का नाम नहीं ले रहा है। दुष्यंत चौटाला ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि काफिले को ओवरटेक कर सब्जी मंडी पुल पर बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी ने रोका।

Hisar GJU Case: हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में वीसी ऑफिस का गेट तोड़ने के मामले में गिरफ्तार जजपा के सभी 6 नेताओं को कोर्ट से जमानत मिल गई है। हालांकि, इस कानूनी राहत के बीच पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और पुलिस के बीच का टकराव अब एक नई कानूनी लड़ाई में बदल गया है। दुष्यंत चौटाला और सीआईए इंचार्ज पवन कुमार ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

जमानत मिलने के बाद भी विवाद बरकरार
शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए जजपा नेताओं-जितेंद्र शयोराण, बिजेंद्र, गौरव सैनी, तरुण गोयल, दीपक आहूजा और रविंद्र कुमार को सुमित सिंह की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 30-30 हजार रुपये के बेल बॉन्ड पर जमानत दे दी। जजपा ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं के घरों पर छापेमारी की और महिला नेत्रियों के कमरों तक की तलाशी ली।

हाईवे पर 'पिस्तौल' और 'टक्कर' का ड्रामा
दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि "सब्जी मंडी पुल पर बिना नंबर की बोलेरो गाड़ी ने हमारे काफिले को ओवरटेक कर रोका। इंस्पेक्टर पवन (लाल शर्ट में) ने मुझे धमकी दी और हथियार दिखाया।" दुष्यंत ने अर्बन एस्टेट थाने में सीआईए इंचार्ज पवन कुमार और एसपी के सिक्योरिटी इंचार्ज अमरजीत के खिलाफ शिकायत दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सोमवार तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो वे कोर्ट और जनता की अदालत में जाएंगे। पुलिस ने पलटवार करते हुए कहा कि "दुष्यंत के ड्राइवर ने गाड़ी भिड़ाने की कोशिश की"। तो दूसरी ओर, सीआईए इंचार्ज पवन कुमार ने भी दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला के खिलाफ शिकायत दी है। पवन कुमार का कहना है कि दुष्यंत की गाड़ी का ड्राइवर लापरवाही से गाड़ी चला रहा था, जिससे आम जनता को खतरा हो सकता था। उन्होंने सिर्फ ड्राइवर को टोकने के लिए गाड़ी रोकी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दिग्विजय चौटाला ने एक पुलिसकर्मी को धक्का दिया। एसपी सिद्धांत जैन ने इस पूरे मामले की जांच DSP कवलजीत को सौंप दी है।

CIA इंचार्ज का विवादित इतिहास
हैरानी की बात यह है कि मुख्य आरोपी बनाए गए इंस्पेक्टर पवन कुमार पर पहले से ही धारा 302 (हत्या) का मामला दर्ज है। 2023 में फतेहाबाद के हरपाल नामक व्यक्ति की कस्टडी में मौत के मामले में पवन कुमार मुख्य आरोपी थे। जजपा नेताओं ने सवाल उठाया है कि हत्या के आरोपी को ऐसे महत्वपूर्ण पद पर क्यों रखा गया है।

कांग्रेस भी उतरी समर्थन में
इस विवाद ने हरियाणा की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस विधायक भरत सिंह बैनीवाल और गोकुल सेतिया ने भी सोशल मीडिया के जरिए दुष्यंत चौटाला का समर्थन किया है, जिससे बीजेपी सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है।

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