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वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी कांग्रेस देश की आधी आबादी को उसकी उचित हिस्सेदारी नहीं देना चाहती, जिसके लिए महिलाएं विपक्षी दलों को कभी माफ नहीं करेंगी।

हरियाणा के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कैप्टन अभिमन्यु ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के पास न हो पाने पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक विधेयक का गिरना कांग्रेस की 'दकियानूसी सोच' और महिलाओं के प्रति उनके संकुचित नजरिए का परिणाम है। हांसी की जाट धर्मशाला में आयोजित 'भाईचारा स्नेह मिलन समारोह' के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने विपक्ष की भूमिका को लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

कांग्रेस नहीं चाहती महिलाओं को उचित अधिकार
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि आजादी के सात दशकों के बाद भी कांग्रेस देश की आधी आबादी को राजनीति में उनकी सही हिस्सेदारी देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण की आवश्यकता को समझा और नए संसद भवन में इस ऐतिहासिक कदम की शुरुआत की। यदि यह बिल पारित हो जाता, तो भारत पूरी दुनिया के सामने महिलाओं को उनके अधिकार देने के मामले में एक मिसाल पेश करता। भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि देश की महिलाएं विपक्षी दलों के इस रवैये को कभी भुला नहीं पाएंगी और चुनाव में उन्हें इसका करारा जवाब देंगी।

हुड्डा की 'नुकताचीनी' पर पलटवार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा बिल में कमियां निकालने के बयान पर कैप्टन अभिमन्यु ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि हुड्डा के बेटे स्वयं संसद के सदस्य हैं, यदि कोई तकनीकी खामी थी तो उन्हें सदन के भीतर आवाज उठानी चाहिए थी। पूर्व मंत्री ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा जैसी संवैधानिक जगहों पर खामोश रहना और बाहर आकर केवल आलोचना करना कांग्रेस की पुरानी फितरत रही है। कांग्रेस की इसी दोहरी राजनीति का खामियाजा अब उसे भुगतना पड़ेगा।

राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं का इस्तेमाल गलत
हिसार के गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (GJU) में हाल ही में हुए हंगामे और उसके बाद जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेताओं के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि नेतृत्व करने वाले व्यक्ति को संयम और धैर्य का परिचय देना चाहिए। उन्होंने समाज में भाईचारा बिगाड़ने की कोशिशों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि हरियाणा में वर्ष 2010 से ही सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अवसरवादी नेताओं ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए प्रदेश के भोले-भाले युवाओं का दुरुपयोग किया, जिसके चलते कई युवाओं पर मुकदमे दर्ज हुए और उनका भविष्य अधर में लटक गया।

भाईचारा कायम करने में खापों की भूमिका अहम
हांसी में आयोजित 'भाईचारा स्नेह मिलन' कार्यक्रम की सराहना करते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि समाज के प्रबुद्ध लोगों की यह एक सराहनीय पहल है। उन्होंने खाप पंचायतों का आह्वान किया कि वे युवाओं को सही दिशा दिखाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने पुरानी परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य प्रदेश में फिर से वही 'रोटी और बेटी' का अटूट रिश्ता कायम करना है, ताकि समाज का हर वर्ग शांति और सद्भाव के साथ रह सके। उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नेता अपने स्वार्थ के लिए युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर पाए।

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