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VIDEO: ना पेयजल की व्यवस्था, ना धूप से बचाने को शेड, दिन भर धूप में खड़े किसानों को टोकन भी नहीं मिला, मायूस किसान लौट रहे वापस

प्रदेश भर की तरह बस्तर में भी 1 दिसम्बर से धान खरीदी की शुरुआत हो गई है। उपार्जन केंद्रों में अव्यवस्थाओं के बीच धान खरीदी की शुरुआत की जा रही है। कई उपार्जन केंद्रों में तो किसानों को टोकन तक नहीं दिया गया है। वहीं शासन के निर्देशानुसार ना ही किसानों के लिए पेयजल की व्यवस्था है। और ना ही धूप को देखते हुए शेड बना हुआ है। किसानों के बैठने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। पढ़िए पूरी ख़बर....

VIDEO: ना पेयजल की व्यवस्था, ना धूप से बचाने को शेड, दिन भर धूप में खड़े किसानों को टोकन भी नहीं मिला, मायूस किसान लौट रहे वापस
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जगदलपुर: शहर से लगे करंजी उपार्जन केंद्र में हाल बुरा है सुबह 9 बजे से पहुंचे किसानों का टोकन कटना ही शुरू नहीं हुआ, लिहाजा कई किसान निराश होकर वापस ही लौट गए। यही नहीं जहां दूसरे जिले के उपार्जन केंद्रों में आधे से अधिक किसानों ने टोकन कटा ली है लेकिन इस करंजी धान खरीदी केंद्र में एक भी टोकन नहीं कट सका है किसानों का आरोप है कि उन्हें खरीदी के 1 दिन पहले तो बुला लिया गया लेकिन टोकन नहीं देने की वजह से उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी व्यवस्था जस की तस थी और इस साल उम्मीद थी कि शासन किसानों के सुविधा को देखते हुए केंद्र में व्यवस्था दुरुस्त करेगी लेकिन इस बार भी स्थिति जस की तस बनी हुई है और किसानों के लिए कोई सुविधा का ख्याल नहीं रखा गया है । किसानों ने कहा कि इस बार बेमौसम बारिश से करंजी इलाके में किसानों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में किसान चाहते हैं कि बारिश पड़ने की वजह से जो भी धान लाल हुए हैं उसे भी शासन खरीदें क्योंकि किसानों ने अपनी पूरी पूंजी फसल के लिए लगा दी और ऐसे में अगर धान में नमी की वजह से उनका धान रिजेक्ट किया जाता है तो वह सड़क पर आ जाएंगे और कर्जे में भी डूब जाएंगे।

प्रदेश भर की तरह बस्तर में भी 1 दिसम्बर से धान खरीदी की शुरुआत होनी है। लेकिन जिले के अधिकांश उपार्जन केंद्रों में आधे अधूरे तैयारी के बीच धान खरीदी की शुरुआत की जा रही है। कई उपार्जन केंद्रों में तो किसानों को टोकन तक नहीं दिया गया है। जिससे किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टोकन देने की लेटलतीफी के पीछे पहले से ही व्यवस्था दुरुस्त नहीं किए जाने की बात सामने आ रही है। जिसके चलते उपार्जन केंद्र पहुंच रहे किसानों को बिना टोकन लिए ही मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। वहीं धान खरीदी केंद्रों में भी इन किसानों के लिए शासन के निर्देशानुसार कोई खास तैयारी नहीं की गई है ना ही किसानों के लिए पेयजल की व्यवस्था है और ना ही धूप को देखते हुए शेड बना हुआ है और यहां तक कि किसानों के बैठने के लिए भी इन उपार्जन केंद्रों में कोई व्यवस्था नहीं की गई है जिससे किसान काफी नाराज हैं। देखिए वीडियो...






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