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हरियाणा
सावधान! एप के जरिए हो रही ठगी, अंजान व्यक्ति द्वारा मोबाइल पर भेजे क्यूआर कोड  को न करें स्कैन

 पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र डॉ अंशु सिंगला 

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सावधान! एप के जरिए हो रही ठगी, अंजान व्यक्ति द्वारा मोबाइल पर भेजे क्यूआर कोड को न करें स्कैन

Ashwani kumar
|
24 May 2022 8:00 AM GMT

आजकल शातिर विज्ञापन दी जाने वाली एप्पलीकेशन के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं । शातिर सामान खरीदने व बेचने वाले भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं।

साइबर अपराधी अपराध करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आमजन जागरुकता से ही साइबर अपराधियों के चंगुल में आने से बच सकते हैं। कुरुक्षेत्र पुलिस द्वारा साइबर अपराधो के प्रति आमजन को जागरुक किया जा रहा है। आजकल शातिर विज्ञापन दी जाने वाली एप्पलीकेशन के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं । शातिर सामान खरीदने व बेचने वाले भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं। यह बातें पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र डॉ अंशु सिंगला ने आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरुक करते हुए कहीं।

इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए डॉ. सिंगला ने बताया कि आज इन्टरनेट की दुनिया में हर व्यक्ति कम्पयूटर व मोबाइल से जुडा है। हर किसी की नौकरी या पढाई मोबाइल व कम्पयूटर तकनीकी सशांधनों से जुडी हुई है। इंटरनेट बैकिंग, ऑनलाइन फ्राड, वालेट/ यूपीआई संबंधित धोखाधड़ी से बचने के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जानकारी दी जा रही है । फेसबुक हैकिंग, बारकोड के माध्यम से होने वाले फ्राड, व्हाट्सएप हैकिंग से बचाव, फर्जी वेबसाइट से होने वाले फ्राड के संबंध में सावधानियां बरतने के बारे में आमजन को जागरुक किया जा रहा है। फेसबुक, इंस्ट्राग्राम, व्हाट्सएप आदि सोशल साइट्स से हनी ट्रैप के संबंध में साइबर अपराध की जानकारी दी जा रही है। सिम कार्ड के माध्यम से, एटीएम कार्ड बदलकर, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड के माध्यम से, बायोमैट्रिक, यूपीआई संबंधी फ्राड के प्रति जागरूक किया जा रहा है ।

इस बारे में आमजन को जागरुक करने हेतू पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र डॉ. अंशु सिंगला ने अपील करते हुए बताया कि एटीएम पिन हमेशा स्वयं अंकित करें एवं यह सुनिश्चित करें कि कोई इसे देख नहीं सके, अपने बैंक खाते से सम्बंधित जानकारी किसी को न दें, एटीएम पिन को हमेशा बदलते रहें एवं ऐसा पिन ना रखे जो आसानी से अनुमान लगाया जा सके, यह सुनिश्चित कर लें कि बैंकिंग लेन-देन से संबंधित विवरण आपको मैसेज के माध्यम से भी प्राप्त हो, नेट बैंकिंग का प्रयोग करते समय सावधानी रखें। किसी भी तरह के ऑफर और लालच में नहीं आएं। किसी भी लिंक को ओपन न करें। फ्रॉड लिंक के जरिए पूरा मोबाइल हैक किया जा सकता है, जिससे पूरा डाटा आसानी से चोरी हो सकता है। किसी भी अनजान व्यक्ति से फोन पर बात कर उसके बहकावे में न आएं और अच्छी तरह जांच पड़ताल करने के बाद ही किसी भी बैंक खाते में राशि डालें । इसके अलावा मोबाइल पर आए किसी भी लिंक को ओपन न करें। फेसबुक, ट्वीटर और किसी भी सोशल मीडिया प्लेट फार्म पर प्रोफाइल आईडी का पासवर्ड काफी स्ट्रांग रखें, सरल पासवर्ड न रखें । सोशल मीडिया पर अगर किसी परिचित का मैसेज आता है और वह आपसे रुपयों की मांग करता है, तो पहले उसे अच्छी तरह से जांच लें या मैसेज करने वाले से फोन पर संपर्क करें। उसके बाद ही किसी भी खाते में राशि ट्रांसफर करें । बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर बैंक डिटेल्स नहीं मांगते हैं। अगर आपके पास किसी तरह की कॉल आती है और सामने वाला व्यक्ति अपने आप को बैंक कर्मचारी बताकर आपसे आपकी निजी जानकारी, ओटीपी या केवाईसी करने के बारे में बोलकर आपसे कोई जानकारी मांगता है तो उस व्यक्ति को कोई भी जानकारी देने से बचें। जागरुकता में ही बचाव है।

ओएलएक्स एप पर विज्ञापन देखकर फंसाया अपने जाल में

जानकारी देते हुए कर्ण गोयल ने बताया कि ऐसा ही एक मामला दिनांक 23 मई 2022 को थाना सदर थानेसर में दर्ज किया गया। थाना सदर थानेसर के अन्तर्गत रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उसने अपना सोफा बेचने के लिए ओएलएक्स एप पर विज्ञापन डाला हुआ था । उसके पास एक नाम पता नामालूम व्यक्ति का मैसेज आया कि वह सोफा खरीदना चाहता है । उसने उससे मोबाइल नम्बर ले लिया । कुछ देर बाद उसके पास एक अंजान नम्बर से फोन आया । उसने उसके सोफा को खरीदने का रेट तय कर लिया और उसके पास एक क्यूआर कोड भेजा। जिसको स्कैन करने पर अलग-अलग किस्तों में उसके खाते से शातिर ठग ने धोखाधडी से 93997 रुपये निकाल लिये । इस तरह से वह ठगी का शिकार हो गया। जिसको ठगी का पता चला तो उसने तुरन्त https//www.cybercrime.gov.in पर शिकायत की तो उसके साथ धोखाधड़ी की गई रकम को होल्ड पर रख लिया गया । जिसकी शिकायत पर थाना सदर थानेसर में मामला दर्ज करके जांच की जा रही है।

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