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81 साल के प्रसिद्ध चित्रकार ने नाबालिग लड़की के साथ 7 साल तक किया 'डिजिटल रेप', जानें क्या होता है Digital Rape

नाबालिग लड़की को पालन पोषण करने के लिए अपने घर पर रखकर 81 साल के बुजुर्ग ने 7 साल तक किया डिजिटल रेप। ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत।

81 साल के प्रसिद्ध चित्रकार ने नाबालिग लड़की के साथ 7 साल तक किया डिजिटल रेप, जानें क्या होता है Digital Rape
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हाईटेक सिटी नोएडा में पिछले 20 सालों से रह रहे एक मशहूर चित्रकार पर 17 वर्षीय नाबालिग ने डिजिटल रेप (Digital Rape) का आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि 81 साल का चित्रकार पिछले 7 सालों से उसका यौन शोषण कर रहा है, लेकिन उसके खिलाफ सबूत एकत्र न कर पाने और परिवार द्वारा आरोपी पर ज्यादा भरोसा करने की वजह से वह बोल नहीं पा रही थी। इसी के चलते पीड़िता ने सबूत एकत्र किये और परिवार के साथ शिकायत करने सेक्टर 39 थाने पहुंची। जहां पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आरोपी 81 वर्षीय चित्रकार को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, डिजिटल रेप का आरोपी 81 वर्षीय चित्रकार का नाम मौरिस राइडर है। वह मूलरूप से प्रयागराज का रहने वाला है। मौरिस राइडर हिंदू धर्म में जन्मा था, लेकिन उसने अपना धर्म परिर्वतन किया और ईसाई धर्म नोएडा में रहता है। वह अपने करियर की शुरुआत में ही नोएडा में आकर रहने लगा था। एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने कहा कि उसके पिता चित्रकार मौरिस राइडर के शिमला स्थित वर्कशाप में काम करते हैं।

10 साल पहले पालन पोषण के लिए नाबालिग को लाया था नोएडा

जानकारी के अनुसार, आरोपी चित्रकार लड़की के पिता से उसे अपने पास रखकर पालन पोषण की बात कहकर नोएडा ले आया था। यहां पहले वह परिवार के साथ रहता था, लेकिन 2002 में उसकी मुलाकात दिल्ली की एक प्रदर्शनी के दौरान एक महिला से हुई। जिसको वह अपने घर ले आया। वह उसी के साथ घर में रहने लगा। इस बात से परेशान होकर चित्रकार की पत्नी परिवार के साथ प्रयागराज चली गई। वही आरोप है कि चित्रकार मौका पाकर नाबालिग लड़की के साथ यौन शोषण करने लगा। वह इसका विरोध करती तो आरोपी उसके साथ मारपीट भी करता था।

पिछले 7 सालों से कर घर रहा था डिजिटल रेप

आरोप है कि बुजुर्ग चित्रकार नाबालिग के साथ पिछले 7 सालों से डिजिटल रेप करता था। उसके विरोध करने पर वह उसके साथ मारपीट करता था। पीड़िता जब इसकी शिकायत अपने परिवार या अन्य किसी से करती तो उसका कोई विश्वास नहीं करता था। 7 सालों तक यौन शोषण का शिकार हुई नाबालिग ने आरोपी के खिलाफ सबूत एकत्र करना शुरू किया।

ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग बनाकर दिलाया विश्वास

पीड़िता सबूत के रूप में आरोपी द्वारा यौन शोषण किये जानें की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। इन्हें दिखाकर उसने अपने परिवार और सेक्टर 39 पुलिस को दी। 17 वर्षीय नाबालिग की शिकायत और सबूत मिलते ही पुलिस ने आरोपी चित्रकार को आईपीसी की धारा 376, 323, 506 और पोक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।

यह होता है डिजिटल रेप

डिजिटल रेप से ज्यादातर लोग इसका संबंध इंटरनेट, कंप्यूटर और ऑनलाइन से निकालते हैं, लेकिन इन सबसे इसका कोई मतलब नहीं है। दरअसल, डिजिटल रेप दो शब्दों से बनकर बना है डिजिट- रेप। डिजिट का अर्थ अंक होते हैं। यह तो सभी जानते हैं, वहीं अंग्रेजी शब्दकोश में डिजिट का अर्थ हाथों पैरों उंगली और अंगूठा होता है। ऐसे में महिला के प्राइवेट पार्ट में उंगली अंगूठों का इस्तेमाल किया जाना। डिजिटल रेप की क्षेणी में आता है। डिजिटल रेप में भी रेप की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। 2012 में निर्भया कांड के बाद से दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए डिजिटल रेप में सख्त सजा का प्रावधान किया गया है।

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