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कोविड महामारी में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियों का भी संकट

कारोना की दूसरी लहर ने सभी को हिलाकर रख दिया है, इससे होने वाली मौतों (Deaths) की संख्या भी कम नहीं है। यहां तक की शवों के दाह संस्कार (Antyesti) के लिए लकड़ी की किल्लत आने लगी है, जिसको देखते हुए हरियाणा का वन विभाग लकड़ी मुहैया कराने की दिशा में जुट गया है।

श्मशान घाट, डबरीपारा की जमीन पर बेजा कब्जा, तोडूदस्ता ने किया ध्वस्त
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श्मशान घाट (प्रतीकात्मक फोटो)

योगेंद्र शर्मा. चंडीगढ़

हरियाणावासियों के लिए भी कोविड-19 (COVID-19) की यह महामारी बेहद ही कष्टपूर्ण साबित हो रही है। दूसरी लहर ने सभी को हिलाकर रख दिया है, इससे होने वाली मौतों (Death) की संख्या भी कम नहीं है। यहां तक की शवों के दाह संस्कार के लिए लकड़ी की किल्लत आने लगी है, जिसको देखते हुए हरियाणा का वन विभाग लकड़ी मुहैया कराने की दिशा में जुट गया है।प्रदेशभर में लकड़ी की भारी मांग को देखते हुए हरियाणा राज्य वन विभाग की ओर से आने वाले वक्त के लिए 13 हजार 950 कुंतल की नई मांग आई है। इस डिमांड में से 1618 कुंतल उपलब्ध कराई जा चुकी थी।

कई परिवारों के अपने प्रियजनों की जिंदगी लील रहा कोरोना इस समय पूरी दुनियां व देश के लिए एक चुनौती बनकर उभर रहा है। पिछले दो सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें, तो औसतन डेढ़ सौ मौतें आए दिन हो रही हैं। लगातार बढ़ती जा रहीं मौतों को लेकर संस्कार के लिए लकड़ी का संकट है, वहीं संस्कार का काम करने वाले पंडितों और निगम कर्मियों का कहना है कि जहां पर दो, तीन चार संस्कार हुआ करते थे, वहां पर दर्जनों शव आते हैं। मौतों का आंकड़ा बढ़ जाने के कारण श्मशान घाटों में लकड़ी की किल्लत पैदा हो गई है।

कोविड के कारण पैदा हुए संकट को हल करने के लिए राज्य वन विभाग ने कदम आगे बढ़ाते हुए लकड़ी उपलब्ध कराने की तैयारी कर ली है। राज्य के वन मंत्री ने सभी नगर निगमों, नगर परिषदों, पालिकाओं से डिमांड मांगी हुई है। गत एक माह के दौरान राज्य में 2580 लगभग मौत हुई हैं। एक माह के अंदर इतनी बड़ी संख्या में शव श्मशान में पहुंचने के अलावा सामान्य मौत भी हो रही हैं। जिसके कारण श्मशान घाटों में भी सारी व्यवस्था चरमरा गई है। इसी क्रम में लकड़ी का संकट पैदा हो गया है।

अधिक वसूली की शिकायतें भी

शवों के संस्कार को लेकर काफी बड़ी संख्या में मनमानी वसूली संबंधी शिकायतें प्रशासन के साथ ही राज्य मुख्यालय व मंत्रियों के पास तक पहुंच रही हैं। जिस पर हरियाणा के शहरी निकाय मंत्री अनिल विज ने साफ कर दिया था कि इस तरह की शिकायतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इस महामारी व संकट के काल में जिन कालाबाजारी, पैसा वसूली करने वालों को सीधे ही सलाखों के पीछे भेजने का काम करेंगे।

प्रदेश में होने वाली मौतें चिंताजनक : कंवरपाल सिंह

शिक्षा और वन विभाग के मंत्री कंवरपाल सिंह का कहना है कि प्रदेश में कोविड की इस महामारी से होने वाली मौतें बेहद ही चिंता का विषय है, इस पर हर कोई दुखी है। वन विभाग की ओर से लकड़ी के संकट को देखते हुए हमने इस दिशा में काम शुरु कर दिया है। विभाग के पास में लकड़ी की व्यापक व्यवस्था है। इसके अलावा श्मशान घाटों पर गैस और इलेक्ट्रिक मशीने भी लगाई गई हैं। वैसे, अंतिम संस्कार में लकड़ी के प्रयोग की धारणा बनी हुई है, जिसके कारण लकड़ी ज्यादा लगती है।

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