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हरियाणा में नायब तहसीलदार और पटवारियों की भर्ती जल्द करने की तैयारी, वित्तायुक्त ने मांगा खाली पदों का ब्योरा

विभाग के मुखिया और अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्तायुक्त पीके दास ने अपने विभागीय अफसरों की बैठक बुलाकर जल्द से जल्द पदोन्नति होने वालों की सूची देने का आदेश दिया है।

हरियाणा में नायब तहसीलदार और पटवारियों की भर्ती जल्द करने की तैयारी, वित्तायुक्त ने मांगा खाली पदों का ब्योरा
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पीके दास 

योगेंद्र शर्मा. चंडीगढ़

हरियाणा के राजस्व विभाग में जल्द ही जहां पटवारियों के खाली पदों पर नई भर्ती की जाएगी। इसके लिए विभाग जल्द ही हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को डिमांड भेज देगा। वहीं नए साल में विभाग के अंदर पदोन्नति की बयार भी आएगी। बताया जा रहा है कि राजस्व विभाग एक हजार पटवारी के पदों के लिए डिमांड भेजने की तैयारी में है, ताकि राज्य में पटवारी की कमी से कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े। इतना ही नहीं राज्य में पटवारियों की कमी व ट्रेनिंग के दौरान भी इस तरह की व्यवस्था रखने की तैयारी है, जिससे कामकाज में रुकावट नहीं आए।

सूत्रों का कहना है कि हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में लगभग आठ खाली डीआरओ ( जिला राजस्व अधिकारी ) के पदों को पदोन्नति के जरिये भरा जाएगा। इसके लिए विभाग के मुखिया और अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्तायुक्त पीके दास ने अपने विभागीय अफसरों की बैठक बुलाकर जल्द से जल्द पदोन्नति होने वालों की सूची देने का आदेश दिया है।

इसके साथ ही वित्तायुक्त ने विभाग में खाली पड़े तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और राजस्व विभाग के बाकी पदों का ब्योरा मांग लिया है, जिसे एक सप्ताह के अंदर अंदर देना होगा, उक्त ब्योरा मिलने के साथ ही अतिरिक्त मुख्य सचिव तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों व बाकी राजस्व महकमे के पदों को भरने की तैयारी में हैं। इन पदों को भरने के बाद में विभाग में खाली पदों की डिमांड बनाकर हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को भेजने की तैयारी है ताकि इसी साल के अंदर अंदर खाली पदों को भर दिया जाए।

लालडोरा के अंदर और बाहर दोनों में लागू होगी स्वामित्व योजना

सूबे के ग्रामीण एरिया में लागू होने वाली लालडोरा स्वामित्व योजना को लेकर भी विभाग के एसीएस पीके दास आने वाली 17 जनवरी को अहम बैठक लेंगे, इस दौरान स्वामित्व योजना को लेकर प्रदेश में अभी तक जिलों में चल रही प्रक्रिया की समीक्षा करेंगे। पहले चरण में जहां यह योजना ग्रामीण एरिया के लालडोरा के अंदर के स्वामित्व को लेकर है, वहीं दूसरी तरफ इसके बाद मे दूसरे चरण में यह गांव के बाहर भी संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर जारी होगी। जिससे तमाम तरह के विवादों पर विराम लग जाएगा साथ ही गांव के अंदर और बाहर स्वामित्व को लेकर आपसी विवाद और खींचतान और मुकदमें बाजी नहीं होगी।

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